उपराज्यपाल (एलजी) नजीब जंग ने नए पुलिस आयुक्त आलोक कुमार वर्मा को मीडिया से रिश्ते सुधारने की नसीहत दी। इसके कुछ घंटे बाद ही उन्होंने मीडियाकर्मियों को मिलने बुला लिया। इस दौरान उन्होंने न तो दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा की और न ही किसी मुद्दे पर बोलना ही उचित समझा। मीडियाकर्मी भी समझ नहीं पाए कि उन्हें मिलने क्यों बुलाया गया है।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, बृहस्पतिवार सुबह उपराज्यपाल नजीब जंग ने एक बैठक बुलाई। इसमें पुलिस आयुक्त आलोक कुमार वर्मा भी पहुंचे। क्राइम व अन्य मुद्दों को लेकर उपराज्यपाल ने चर्चा की।
वहीं, उपराज्यपाल नजीब जंग ने आलोक कुमार वर्मा से मीडिया से रिश्ते सुधार की नसीहत भी दी। इसके बाद पुलिस आयुक्त ने मीडियाकर्मियों को चाय पर आने का न्यौता भिजवाया।
बृहस्पतिवार शाम साढ़े चार बजे ऐसा पहली बार हुआ कि पुलिस आयुक्त पद संभालने के बाद आलोक कुमार मीडियाकर्मियों से मिले। बता दें कि पुलिस आयुक्त का पद संभालने के बाद आलोक कुमार वर्मा मीडिया से करीब एक महीने दूर रहे।
नहीं मिलें कांफ्रेंस हॉल में
alok kumar verma
कांफ्रेंस हॉल में पुलिस आयुक्त का इंतजार होता रहा, मगर वे बगल वाले हॉल में मीडियाकर्मियों से मिले। उन्होंने कहा कि वह दिल्ली की समस्याओं पर मीडियाकर्मियों की राय जानना चाहते हैं।
मगर, सभी ने अपनी समस्याएं पुलिस आयुक्त को गिनानी शुरू कर दीं। इसके अलावा पुलिस आयुक्त से कई सवाल पूछे गए, मगर उन्होंने किसी सवाल का जवाब नहीं दिया।
पुलिस आयुक्त को मीडिया के सामने आकर बात करने की बात कही गई, ताकि जनता जान सकें कि नए पुलिस आयुक्त कौन हैं। इस पर उन्होंने कहा कि समय आने पर वह मीडिया के सामने आकर बोलेंगे।
एक ही राग, जनता से पूछिए
नजीब जंग और केजरीवाल
पुलिस आयुक्त से जब पूछा गया कि दिल्ली में बम की हॉक्स कॉल काफी ज्यादा आ रही हैं। कई वारदातों को धार्मिक रंग देने की कोशिश की जा रही है तो वह इस इन सवालों को टाल गए।
इतना ही कहा कि आपराधिक वारदात में हर प्रक्रिया पूरी की जाती है। वह मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तरह यही कहते रहे कि दिल्ली की जनता से पूछेंगे। हर मुद्दे पर यही कहते रहे कि दिल्ली की जनता से पूछिए।