इस मौके पर एलजी ने कहा कि नियुक्तियों के लिए आवेदनों के शेष 437 मामलों का सत्यापन किया जा रहा है। राजस्व विभाग को इन आवेदनों का जल्द निपटान करने के लिए विशेष शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया है। एलजी ने कहा कि इस फैसले से पीड़ितों को न्याय मिला है। सिख दंगा पीड़ितों के आवास वाली विशेष कॉलोनी का नाम भी बदला जाएगा। इस कॉलोनियों का नाम विधवा कॉलोनी (विधवाओं की कॉलोनी) कहा जाता है। अब स्थानीय निवासियों की सिफारिशों के अनुसार नाम बदला जाएगा।
इस विषय को लेकर जनप्रतिनिधियों, दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति और पीड़ितों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पिछले महीने एलजी से मुलाकात की थी। एलजी से भर्ती के लिए सभी पात्र आवेदकों पर विचार करने का अनुरोध किया था। इसमें वे लोग भी शामिल हैं जो वृद्ध हो चुके हैं या जिनकी मृत्यु हो चुकी है। इसके बाद एलजी ने संबंधित विभागों को इस मुद्दे पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और आगे का रास्ता सुझाने का निर्देश दिया था। इसके बाद उन्होंने भर्ती योग्यता में ढील देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी।