दिल्ली में केजरीवाल और एलजी के बीच चल रही तनातनी खत्म होने की बजाय और बढ़ गई है। एलजी-केजरीवाल की इस जंग में जहां अफसर बीच में फंस गए हैं तो वहीं दिल्ली सरकार का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है।
अफसरों कि नियुक्ति को लेकर चल रही इस लड़ाई में एलजी नजीब जंग ने प्रमुख सचिव बनाए गए राजेन्द्र कुमार की नियुक्ति को रद्द कर दिया है। आपको बता दें कि ये राजेन्द्र कुमार वही अफसर हैं जिनकी नियुक्ति पर केजरीवाल अड़ गए थे।
केजरीवाल ने ही इनकी नियुक्ति की थी। राजेन्द्र कुमार को प्रमुख सचिव के रूप में आनंद मजूमदार की जगह नियुक्त किया गया था।
नियुक्ति रद्द होने पर आप सरकार में हंगामा
वहीं अफसर की नियुक्ति रद्द होने के बाद आप सरकार में हड़कंप मच गया है। डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने इस मामले पर ट्वीट कर कहा है कि लैटर मिलने से पहले ही लीक हो जाते हैं ये एक बड़ी संवैधानिक खामी हैं।
मुझे मीडिया से जानकारी मिल रही है कि एलजी ने दिल्ली सरकार को एक पत्र लिखा है। ये वाकई चौंकाने वाला है कि दिल्ली सरकार को का जो लैटर मुझे मिलना चाहिए था वो मिला ही नहीं और मीडिया में लीक हो गया।
आपको बता दें कि दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल के बीच चल रही इस लड़ाई में अधिकारी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे थे। अब प्रमुख सचिव राजेन्द्र कुमार की नियुक्ति रद्द होने के बाद से ये मामला और भी गंभीर हो गया है।
प्रधान सचिव हटाने को लेकर एलजी ने लगाया था वीटो
ये बात सिर्फ असुरक्षा की नहीं है बल्कि पिछले एक पखवाड़े से चल रहे इस विवाद ने दिल्ली सरकार के कामों को भी पटरी से उतार दिया है। आज मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति से मुलाकात का समय मांगा था।
आपको बता दें कि दिल्ली में प्रधान ऊर्जा व उद्योग सचिव व कार्यवाहक मुख्य सचिव शकुंतला डी गैमलिन पर मुख्यमंत्री व मंत्री का अविश्वास, प्रधान सेवा सचिव अनिंदो मजूमदार को हटाने के अलावा अरविंद, एसपी सिंह व कुछ अन्य आईएएस बिना काम के हो गए हैं।
हालांकि ऊर्जा विभाग के सचिव का जिम्मा गत दिनों मुख्यमंत्री के ओएसडी सुकेश जैन के पास है। इसके अलावा मुख्य सचिव दिल्ली के मुख्य सतर्कता अधिकारी भी होते हैं। मुख्यमंत्री की तरफ से प्रधान सेवा सचिव को पद से हटाए जाने पर उपराज्यपाल नजीब जंग ने वीटो लगाया हुआ था।