दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल
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नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को दिल्ली स्थित शाहीन बाग में एक महीने से ज्यादा समय से लोगों का प्रदर्शन जारी है। इस प्रदर्शन में बच्चे, बूढ़े, महिलाओं के अलावा विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्रों और विपक्षी पार्टियों के नेता भी शामिल हो रहे हैं। वहीं, इस प्रदर्शन को खत्म कराने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं।
मंगलवार को दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल द्वारा भी ऐसा ही एक प्रयास किया गया। बैजल ने शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने कहा कि उनकी चिंताओं को संबंधित अथॉरिटी के सामने रखने का आश्वासन दिया गया। इसके साथ ही रास्तों के बंद होने के कारण स्थानीय लोगों को हो रही परेशानी को देखते हुए उनसे अपने आंदोलन को वापस लेने की अपील की गई।
बता दें कि सीएए, एनपीआर और एनआरसी विरोध के नाम पर 15 दिसंबर को शाहीन बाग से शुरू हुआ महिलाओं का प्रदर्शन देश के कई हिस्सों में फैल रहा है। दिल्ली में ही करीब आधा दर्जन स्थानों पर इस तरह के प्रदर्शन चल रहे हैं, लेकिन भाजपा के नेताओं का कहना है कि इसके आगे झुकने की कोई जरूरत नहीं है।
केंद्रीय गृहमंत्रालय से मिल रही जानकारी के मुताबिक अभी तक शाहीन बाग के प्रदर्शनाकारियों से बातचीत नहीं हुई है और न ही इस विरोध प्रदर्शन को समाप्त कराने का कोई रोड-मैप बना है। इस मामले को दिल्ली पुलिस ही अपने स्तर से देख रही है।
भाजपा के नेताओं का कहना है कि शाहीन बाग जैसे प्रदर्शन के पीछे आखिर कौन लोग हैं? लोगों को नागरिकता संशोधन कानून- 2019 को लेकर कौन भड़का रहा है। भाजपा प्रवक्ता नलिन कोहली का कहना है कि जो हो रहा है वह ठीक नहीं है।