सोहना खंड के मंडावर गांव में बृहस्पतिवार सुबह पेड़ पर शिकार के लिए चढ़ा तेंदुआ की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई। तेंदुओं के तार पर लटके होने की सूचना के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया। सूचना के बाद वन विभाग समेत जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। यह घटना होने से ग्रामीणों में भी दहशत का माहौल बन गया। दोपहर तक वन विभाग की टीम ने तेंदुए को हाईटेंशन लाइन से नीचे उतारकर उसका पोस्टमार्टम करा अंतिम संस्कार किया।
वन्य जीव विशेषज्ञ अनिल गंडास ने बताया कि मादा नस्ल के तेंदुए की उम्र करीब दो वर्ष है। डॉक्टरों के मुताबिक करंट लगने से ही तेंदुए की मौत हुई है। मंडावर गांव में बृहस्पतिवार अलसुबह ग्रामीण सैर के लिए निकले थे। उसी दौरान तालाब के पास पेड़ पर बिजली की गुजर रही 11 हजार केवी की लाइन पर तेंदुआ लटका देखा। मृत अवस्था में तेंदुए को देखकर गांव में हड़कंप मच गया। शुरुआत में शिकार के अंदेशे से ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों को सूचित किया। हालांकि बाद में स्पष्ट हो गया कि तेंदुए की करंट लगने से मौत हुई।
स्थानीय सरपंच धनसिंह ने बताया कि, तालाब के आसपास काफी संख्या में बंदर और मोर हैं। रात को करीब 11 बजे तक तालाब के पास ग्रामीण बैठे हुए थे। अंदेशा जताया जा रहा है कि रात में पेड़ पर काफी संख्या में बंदर आराम करते हैं। इन्हीं का शिकार करने के लिए तेंदुआ पेड़ पर चढ़ा लेकिन पेड़ के अंदर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया। इसमें तेंदुए का मुंह व पेट जल गया। सूचना के बाद जिला प्रशासन के अधिकारी भी गांव में पहुंच गए। अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बिजली विभाग से बिजली आपूर्ति बंद कराई। इसके बाद वन्य जीव विभाग, वन विभाग की टीमों ने तारों में फंसे तेंदुए को नीचे उतारा।
वहीं, दूसरी ओर तेंदुए की मौत की खबर सुनकर काफी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए। स्थानीय ग्रामीण प्रकाश ने बताया कि गांव में कई बार तेंदुए ने ग्रामीणों और जानवरों पर हमला बोला है। तेंदुए की मौत की वजह करंट लगना ही दिखाई दे रही है।
हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से तेंदुआ की मौत
तेंदुए को तारों से नीचे उतारने के बाद डॉक्टर की ओर से उसका पोस्टमार्टम किया गया इसमें मौत की वजह करंट लगना ही स्पष्ट हुई। वन्य जीव विभाग निरीक्षक सुनील कुमार ने बताया कि शिकार के लिहाज से मादा तेंदुआ पेड़ पर चढ़ी थी।
पहले से है गांव में तेंदुए का खौफ
स्थानीय ग्रामीणों की मानें तो करीब डेढ़ साल पहले भी गांव में तेंदुआ घुस आया था। तेंदुए ने ग्रामीणों और जानवरों को निशाना बनाया। कई दिनों तक गांव में बने रहे दहशत के माहौल के बाद ग्रामीणों ने उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। गांव में जानवरों की सुरक्षा के लिहाज से चौक चौराहों पर ग्रामीण रात में देर रात तक पहरा देते है।