अगर बैंक या वित्तीय संस्थान 60 दिन का वैधानिक नोटिस दिए बिना कार्रवाई करे, नोटिस में बकाया राशि की गलत जानकारी दे, गिरवी न रखी गई संपत्ति पर कब्जा करने का प्रयास करे तो ऐसी कार्रवाई चुनौती योग्य हो सकती है। लोन एग्रीमेंट, नोटिस, भुगतान रसीदें, ईमेल, कॉल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज सुरक्षित रखें। बैंक को लिखित आपत्ति भेजें। अगर कब्जा या नीलामी की कार्रवाई शुरू हो जाए, तो धारा 17 के तहत डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल (डीआरटी) में चुनौती दी जा सकती है। डीआरटी के फैसले से असंतुष्ट होने पर डीआरएटी में अपील की जा सकती है। धमकी या गैर कानूनी वसूली पर पुलिस से भी शिकायत की जा सकती है।
- प्रत्युष प्रताप सिंह, अधिवक्ता, साकेत कोर्ट