फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट के बाहर वकीलों का प्रदर्शन, तीस हजारी में घायल वकीलों के लिए 10 लाख मुआवजे की मांग

Mon, 04 Nov 2019 01:22 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
वकीलों का प्रदर्शन - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

दिल्ली की तीस हजारी अदालत में शनिवार दिन में हुई वकीलों और पुलिसवालों की हिंसक झड़प के बाद सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के बाहर वकीलों ने प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान उन्होंने कई मुद्दे उठाए। हालांकि उनकी मुख्य मांग तीस हजारी कोर्ट में हुई झड़प के दौरान घायल प्रत्येक वकील को 10 लाख का मुआवजा देने की रही।

विज्ञापन


पीड़ित वकीलों को मुआवजा दे दिल्ली सरकार : हाईकोर्ट
हाईकोर्ट ने तीस हजारी कोर्ट में शनिवार को वकीलों और पुलिस के बीच हुए बवाल में घायल वकीलों को मुआवजा देने के लिए दिल्ली सरकार को निर्देश जारी किए। पीठ ने यह भी कहा कि अगर किसी पीड़ित को बाद में मुआवजे के अतिरिक्त भी आर्थिक मदद की आवश्यकता पड़े तो उसकी भी व्यवस्था की जाए।

न्यायमूर्ति डीएन पटेल और सी. हरिशंकर की पीठ ने रविवार को मामले में स्वत: संज्ञान लेने के दौरान दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि तीस हजारी कोर्ट में हुए बवाल के दौरान गोली लगने से घायल हुए वकील विजय वर्मा को 50 हजार रुपये व अन्य दो घायलों को 15 व 10 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाए।
विज्ञापन


मामले की सुनवाई के दौरान बार काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से पीठ के समक्ष यह आग्रह किया गया कि इस घटना में पीड़ितों को राज्य सरकार द्वारा मुआवजा दिया जाए, जिस पर सहमति जताते हुए पीठ ने यह निर्देश दिए।

दिल्ली बार काउंसिल भी करेगी इलाज में मदद
बवाल के दौरान घायल हुए तीनों पीड़ित वकीलों को दिल्ली बार काउंसिल भी मुआवजा देगी। काउंसिल के अध्यक्ष केसी मित्तल ने रविवार को घोषणा की कि आईसीयू में भर्ती पीड़ित वकील विजय शर्मा और अन्य पीड़ितों को दो-दो लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। वहीं इस घटना में घायल हुए अन्य पीड़ितों को 50-50 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।

विज्ञापन

पुलिस और वकीलों के बीच हुई झड़प का मामला, 6 एफआईआर दर्ज

तीस हजारी कोर्ट में शनिवार को पुलिस और वकीलों के बीच हुई झड़प के मामले में दिल्ली पुलिस ने छानबीन के लिए रविवार को एक और कमेटी बनाकर जांच के आदेश दिए। स्पेशल सीपी इंटेलिजेंस के नेतृत्व में कमेटी पूरे मामले की छानबीन कर जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

इससे पूर्व शनिवार को दिल्ली पुलिस ने मामले में जांच के लिए क्राइम ब्रांच की एक एसआईटी के आदेश दिए थे। दूसरी ओर बलवे के मामले में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर एएसआई कांता प्रसाद को निलंबित कर दिया गया, वहीं एक एएसआई पवन कुमार के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।

दूसरी ओर हाईकोर्ट के रविवार को दिए आदेश के बारे में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आदेश की लिखित कॉपी मिलते ही उसका अनुपालन कर दिया जाएगा। वहीं सोमवार को तीस हजारी कोर्ट समेत तमाम कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था चुस्त रहेगी।

दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त प्रवक्ता अनिल मित्तल ने बताया कि कमेटी विशेष पुलिस आयुक्त इंटेलिजेंस प्रवीर रंजन के नेतृत्व में जांच करेगी। इसमें अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विजिलेंस धीरज कुमार और पुलिस उपायुक्त सुमन नलवा भी मौजूद रहेंगी।

जांच कमेटी इस बात का पता लगाने का प्रयास करेगी कि पुलिस की ओर से कहां गलती हुई। इसके अलावा कोर्ट परिसर में पुलिस को गोली चलाने व बल प्रयोग करने की जरूरत क्यों पड़ी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच कमेटी को कहा गया है कि वह अपनी रिपोर्ट जल्द से जल्द दे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें