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जैसे ही खुलेगा उस पांच मिनट का राज, इंजीनियर युवती की हत्या से उठ जाएगा पर्दा

Fri, 02 Jun 2017 10:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा

सार

पॉश सोसायटी में इंजीनियर युवती की गोली मारकर हत्या
- परिजन ने साथ में बीटेक करने वाले युवक के खिलाफ दर्ज कराया मामला
- हत्या से आधे घंटे पहले युवक ने किया था फोन, अब बंद है मोबाइल
- युवती को गोली मारने वाला सीसीटीवी में कैद, स्पष्ट नहीं है रिकॉर्डिंग
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा, 31 मई
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विस्तार
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नोएडा की पॉश सोसायटी में इंजीनियर युवती की बुधवार सुबह सिर में गोली मार हत्या कर दी गई। उसका शव सोसायटी केभूतल पर स्टील्ट पार्किंग में सीढ़ियों के पास पड़ा मिला। युवती को गोली मारने की वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई है। हालांकि रिकॉर्डिंग स्पष्ट न होने की वजह से हमलावर का चेहरा नहीं दिख रहा।
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संदेह केआधार पर परिजन ने युवती के साथ बीटेक की पढ़ाई कर चुके युवक के खिलाफ थाना सेक्टर-58 में हत्या की एफआईआर दर्ज कराई गई है। उसने हत्या से आधे घंटे पहले युवती को फोन किया था। पुलिस आरोपी युवक की तलाश कर रही है।

हत्या की ये सनसनीखेज वारदात नोएडा सेक्टर-62 की पॉश सोसायटी शताब्दी रेल विहार में हुई है। सोसायटी की तीसरी मंजिल पर फ्लैट नंबर बी-303 केगर्ल्स पीजी में यमुना नगर हरियाणा निवासी अंजली राठौर उर्फ अन्नु (22 वर्ष) रहती थी।
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कैंपस प्लेसमेंट से मिली थी नौकरी

इस पीजी में उसके साथ छह और लड़कियां रहती हैं। अंजली ने पिछले वर्ष जालंधर स्थित लवली प्रोफेशनल विश्वविद्यालय (एलपीयू) से बीटेक की पढ़ाई पूरी की थी। जून-2016 में कैंपस प्लेसमेंट के जरिए उसकी नौकरी नोएडा के सेक्टर-64 स्थित लावा कंपनी में लगी।

इसी पीजी में रहने वाली ज्योति ने बताया कि वह सुबह सात बजे बैंक की कोचिंग के लिए जा रही थी। उस वक्त बाकी लड़कियां सो रहीं थीं। नीचे उतरी तो देखा सीढ़ियों के पास लोगों की भीड़ लगी थी। अंजली भीड़ के बीच में पाकिंग के पिलर के सहारे गिरी पड़ी थी।

अंजली कब नीचे गई, उसे भी नहीं पता था। अंधेरा होने की वजह से उसे वहां खून नहीं दिखा। वह भागकर पीजी में वापस आई और अंजली के साथ कमरे में रहने वाली उसकी सहकर्मी दामिनी व अन्य लड़कियों को उठाया।

महज पांच मिनट के लिए आया था हमलावर

सभी भागते हुए नीचे पहुंचे। उन्हें लगा कि अंजली सीढ़ियों से गिरकर बेहोश हो गई है। उन्होंने जब अंजली को उठाने का प्रयास किया तो देखा उसके सिर से खून बह रहा है। वह लोग तुरंत अंजली को एक पड़ोसी की मदद से उसकी कार में लेकर बगल में फोर्टिस अस्पताल पहुंचे।

अस्पताल में डॉक्टरों ने कार में ही अंजली मृत घोषित कर दिया। इसके बाद अंजली के शव को वापस पीजी में लाया गया और पुलिस व उसके परिजन को घटना की सूचना दी गई।

मूल रूप से इटावा निवासी अंजली की मौसी कामिनी भदौरिया फिलहाल सरिता विहार दिल्ली में रहती हैं और पेशे से पत्रकार हैं। कामिनी ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही वह सबसे पहले पीजी पहुंची।

भागकर पिलर के पीछे छिपने आयी थी अंजली

उन्होंने अंजली का मोबाइल चेक किया तो सुबह 6:05 बजे अश्वनी यादव का फोन आया था। मूल रूप से जसवंत नगर इटावा निवासी अश्वनी ने अंजली के साथ एलपीयू जालंधर से बीटेक किया था। वह भी फिलहाल लाजपत नगर दिल्ली में रहता है।

सोसायटी के गेट पर सुबह 6:30 बजे शानू नाम से किसी युवक ने रजिस्टर में एंट्री की और पांच मिनट बाद वह लौट गया। गेट पर लगा सीसीटीवी कैमरा दिशाहीन था, जिससे गेट से प्रवेश करते और निकलते वक्त युवक की फोटो रिकॉर्ड नहीं हो सकी।

अंजली को सीढ़ियों के पास जिस जगह गोली मारी गई, उसके बगल में लिफ्ट के पास सीसीटीवी कैमरा लगा है। सीसीटीवी कैमरे में दिख रहा है कि अंजली सीढ़ियों के सामने की तरफ से सिर पर हाथ रख भागती हुई आ रही है।
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घटना के बाद से बंद है अश्वनी का मोबाइल : एसपी सिटी

भागते हुए वह छिपने के लिए पिलर के पीछे बैठ जाती है। उसके पीछे पीठ पर बैग टांगा और हाथ में बैग लिए हुए एक युवक पिस्तौल तानकर भागता हुआ आता है। युवक चंद सेकेंड पिलर के पीछे रुककर अंजली से कुछ कहता है और उसके सिर में गोली मार देता है।

इस दौरान वह दो बार मोबाइल पर हड़बड़ी में किसी से बात करता है और चला जाता है। उसके जाने के बाद अंजली वहीं फर्श पर लेटी हुई दिख रही है। सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग इतनी बेकार है कि हमलावर का चेहरा स्पष्ट नहीं है।

एसपी सिटी अरूण कुमार सिंह ने बताया कि अंजली के परिजन की शिकायत पर थाना सेक्टर-58 में अश्वनी के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मौकेसे पुलिस को खोखा बरामद हुआ है। डॉग स्क्वायड से भी जांच कराई गई है।

अश्वनी ने सुबह अंजली को फोन किया था। घटना के बाद से उसका मोबाइल बंद है। आशंका है कि 6:30 पर शानू नाम से पांच मिनट के लिए सोसायटी में प्रवेश करने वाला ही हत्यारा है।

हो सकता है अश्वनी ने नाम बदलकर सोसायटी में प्रवेश किया हो या उसने किसी हमलावर को हत्या करने के लिए भेजा हो। अश्वनी की गिरफ्तारी के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि उसकी हत्या में क्या भूमिका है और उसने हत्या क्यों की।
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