-कैंसर मरीजों को दवाइयों के साथ रहने और खाने में भी मिलती है मदद, सेवा का दायरा बढ़ाने पर जोर
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। गंभीर बीमारी का इलाज कराना हर परिवार के लिए आसान नहीं होता। दवाइयों और अस्पताल के खर्च के साथ दूसरे शहर में रहने और खाने की व्यवस्था करना भी बड़ी चुनौती बन जाता है। ऐसे जरूरतमंद मरीजों की मदद के लिए काम कर रही संजीवनी मेडिकल सेवा ने नई दिल्ली के छतरपुर स्थित अध्यात्म साधना केंद्र में अपने तीसरे वर्ष की शुरुआत की। इस सेवा के माध्यम से अब तक एक हजार से अधिक लोगों की मदद की जा चुकी है। संजीवनी मेडिकल सेवा खासतौर पर कैंसर सहित गंभीर बीमारियों से जूझ रहे जरूरतमंद मरीजों की सहायता करती है। इसके तहत मरीजों को दवाइयां उपलब्ध कराने के साथ उनके परिजनों के रहने और खाने की व्यवस्था में भी सहयोग दिया जाता है। इस दौरान डॉ. मुकेश नागर और डॉ. कौशल कलरा के वीडियो संदेश भी प्रसारित किए गए। दोनों ने मरीजों की मदद के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और इस काम में सहयोग देने वाले लोगों का आभार जताया।
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एम्स के ऑन्कोलॉजी विभाग के डॉ. आशीष ने कहा कि गंभीर बीमारियों के इलाज में मरीजों और उनके परिवारों को कई तरह की आर्थिक और भावनात्मक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में संजीवनी जैसी पहल उन्हें राहत देने में अहम भूमिका निभाती है। कार्यक्रम में आयोजित संवाद सत्र के दौरान एम्स के ईएनटी विभाग के अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. कपिल सिक्का ने स्वास्थ्य के महत्व और बच्चों को जरूरी चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने की जरूरत पर अपने विचार रखे। वहीं, श्याम बागड़ी ने कहा कि जरूरतमंद मरीज को सही समय पर दवा मिलना उसके लिए संजीवनी के समान है।
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सिमरन