एमबीबीएस कोर्स की अवधि बढ़ाने के खिलाफ दिल्ली के कई मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने बुधवार को निर्माण भवन के सामने धरना-प्रदर्शन किया।
इस दौरान निर्माण भवन में मेडिकल स्टूडेंट्स का प्रतिनिधिमंडल स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों से मिला लेकिन कोई हल नहीं निकला। इसके बाद छात्रों ने धरने पर बैठे रहने का निर्णय लिया। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन के अलावा कई अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने धरने को समर्थन दिया।
प्रदर्शन में एम्स, वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के अलावा यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज के स्टूडेंट शामिल हुए। खबर लिखे जाने तक छात्र धरने पर बैठे थे। मेडिकल छात्रों का आरोप है पुलिस ने छात्रों पर किसी अपराधी की तरह लाठीचार्ज किया।
पुलिस ने जबरन उन्हें उठाकर गाड़ियों में भरा। सर्दी के बावजूद छात्रों पर पानी की बौछार डाली गई। गर्ल्स स्टूडेंट्स के साथ भी खराब व्यवहार किया गया। इस दौरान कई छात्र घायल हुए, जिनका एमएलसी भी बना है। छात्रों ने आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
छात्रों का कहना है कि कोई भी मेडिकल स्टूडेंट ग्रामीण इलाकों में काम करने से मना नहीं कर रहा है, लेकिन एमबीबीएस कोर्स साढ़े पांच वर्ष की अवधि में ही होना चाहिए या पोस्ट ग्रेज्यूशन कोर्स के दौरान ग्रामीण इलाके में काम करने को अनिवार्य किया जाए।
मेडिकल स्टूडेंट्स ने बताया कि अभी तक एमबीबीएस कोर्स में साढ़े चार वर्ष तक थ्योरी की पढ़ाई के साथ एक वर्ष का इंटर्नशिप होता था, लेकिन नए पैटर्न के अनुसार साढ़े चार वर्ष के कोर्स के बाद दो वर्ष का इंटर्नशिप और एक वर्ष तक ग्रामीण इलाकों में काम करने को अनिवार्य किया गया है।