याचिका में ट्रस्ट को फर्जी, अमान्य और शून्य घोषित करने की मांग की गई है। याचिका के अनुसार, रानी कपूर अपने दिवंगत पति डॉ. सुरिंदर कपूर (सोना ग्रुप के संस्थापक) की संपत्ति की एकमात्र लाभार्थी और वारिस हैं। डॉ. सुरिंदर कपूर ने 6 फरवरी 2013 को वसीयत बनाई थी, जिसमें उनकी पूरी संपत्ति रानी कपूर को सौंपी गई थी। इस वसीयत को जनवरी 2016 में बॉम्बे हाई कोर्ट ने प्रमाणित किया था, जिसमें उनके तीनों बच्चों ने कोई आपत्ति नहीं जताई। इसके बावजूद अक्तूबर 2017 के आसपास उनकी सहमति के बिना संपत्ति को इस ट्रस्ट में स्थानांतरित कर दिया गया। रानी कपूर ने दावा किया कि संजय कपूर की मौत (जून 2025) के तुरंत बाद प्रिया कपूर ने बिना उनकी जानकारी या सलाह के सोना ग्रुप की कंपनियों पर नियंत्रण हासिल करने के लिए तेज कदम उठाए।
प्रिया कपूर ने दर्ज कराया बयान
इसी बीच, पटियाला हाउस कोर्ट में प्रिया सचदेव कपूर ने अपनी ननद मंधिरा कपूर स्मिथ के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि मामले में अपना बयान दर्ज कराया। बुधवार को विशेष न्यायाधीश की अदालत में पेश हुई प्रिया ने इन-कैमरा सुनवाई का अनुरोध किया, जिसे मंजूर कर लिया गया। प्रिया ने कोर्ट को बताया कि मंधिरा द्वारा पॉडकास्ट, सोशल मीडिया और इंटरव्यू में लगाए गए आरोपों से उन्हें गंभीर मानसिक पीड़ा हुई है। उन्होंने सभी आरोपों को बेबुनियाद और अपनी छवि खराब करने की नीयत से लगाया हुआ बताया।