दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। कैंपस खुलने के बाद छात्र संगठनों ने जोर-शोर से प्रचार शुरू कर दिया है। ऐसे में चुनाव व प्रचार के दौरान प्राप्त होने वाली शिकायतों के निवारण के लिए शिकायत निवारण सेल का गठन किया है। शिकायत निवारण सेल चुनावों से संबंधित शिकायतों का निपटारा करेगा। इस सेल की चुनाव के दौरान होने वाली हर हलचल पर नजर रहेगी। मालूम हो कि डूसू चुनाव के लिए नामांकन करने की अंतिम तिथि 14 सितंबर है। इसके बाद उम्मीदवार प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंक देंगे।
छह सदस्यीय इस सेल की कमान डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. पंकज अरोड़ा को सौंपी गई है। उन्हें सेल का चेयरमैन बनाया गया है। इसमें भौतिकी विभाग में प्रो. आशुतोष भारद्वाज, संयुक्त डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. जीएस टुटेजा, संयुक्त कुलसचिव डॉ रोहन राय, रविकांत वर्मा, व मान्या आहलूवालिया शामिल है। डीयू में 22 सितंबर को छात्र संघ चुनाव होना है। प्रशासन से लेकर छात्र संगठनों ने इसकी तैयारी में अपनी पूरी ताकत लगा दी है। जहां छात्र संगठन अपने स्तर पर प्रचार के साथ-साथ उम्मीदवारों के चयन में जुटे हैं तो वहीं प्रशासन भी चुनावों के दौरान कोई कोताही नहीं बरतना चाहता है।
प्रशासन की और से पहले ही साफ किया जा चुका है कि चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन होने पर उम्मीदवार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में शिकायतों के निवारण करने और उनकी हर हरकत पर नजर रखने के लिए इस सेल का गठन किया गया है।
दिल्ली विश्वविद्यालय में अब बस दस दिन शेष हैं। डुसू (दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ) पर कब्जा जमाने के लिए सभी छात्र संगठनों ने कमर कस ली है। इसका नजारा भी जी20 की बंदिशें खत्म होने के बाद सोमवार सुबह से ही विश्वविद्यालय के नजदीकी इलाकों में देखा गया। छात्र पंपलेट उड़ाकर, ढोल नगाड़े, नारे लगाकर और गाना बजाकर सड़कों पर चुनाव प्रचार करते रहे।
तीन दिन की छुट्टी के बाद सोमवार कॉलेज खुलने से छात्र नेताओं में उत्साह दिखा। दीवारों, दुकानों, गाड़ियों समेत कई जगहों पर पोस्टर लगाए गए। जहां छात्र संगठन ने बच्चों को विजिटिंग कार्ड देकर भी प्रचार किया। 10 दिन के बाद डीयू के छात्रों को उनका प्रतिनिधि मिल जाएगा। ऐसे में छात्र संगठन ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों मोड में प्रचार कर रहे हैं। कैंपस में भी गाने बजाते हुए छात्रों की रैलियां निकलीं।