दिल्ली पुलिस ने आठ संदिग्धों को पकड़ा
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देश में आतंकी हमले की साजिश को नाकाम करते हुए पकड़े गए लश्कर ए ताइबा के बांग्लादेशी मॉड्यूल के कथित आतंकियों ने पूछताछ में एक और बड़ा खुलासा किया है। इस मॉड्यूल के जो छह आरोपी रबि-उल-इस्लाम, मो. लिटन, मो. मिजानुर रहमान, मो. उज्जाल, मो. जहीदुल इस्लाम और सैफायत होसेन तमिलनाडु से गिरफ्तार किए गए हैं।
वह इस मॉड्यूल के स्लीपर सेल हैं। उन्हें लालच दिया गया था कि विस्फोटक से भरे बैग रखने के लिए दिल्ली व अन्य जगह जाना है। उन्हें इस काम के लिए हवाई जहाज से जाना है और वापस आना है।
स्पेशल सेल के अधिकारी ने बताया कि आरोपी हवाईजहाज में बैठने के लालच में इस मॉड्यूल में शामिल हुए थे। आरोपियों का कहना है कि हवाईजहाज में बैठना इनका सपना था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी बांग्लादेश में ऐसी जगह से जहां गरीबी ज्यादा है।
पैसे का लालच भी देकर स्लीपर सेल बनाया गया
ये तमिलनाडु में टेक्सटाइल फैक्टरी में काम करते थे। ये कम मजदूरी में भी काम करने के लिए भी तैयार हो जाते थे। इनको पैसे का लालच भी देकर स्लीपर सेल बनाया गया था। इस कारण फैक्टरी मालिक इनको नौकरी पर रखते थे। सभी आरोपी भारत में बांग्लादेश से अवैध रूप से घुसे थे।
स्पेशल सेल के अधिकारी ने बताया कि मो. उज्जल को 2017 में भारत से बांग्लादेश डिपोर्ट किया गया था। उसे चार वर्ष की सजा के बाद डिपोर्ट किया गया था। हालांकि भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था केे धता बताते हुए ये एक माह में फिर भारत में अवैध रूप से घुस आया था।
आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर किया बांग्लदेशी मॉड्यूल का पर्दाफाश
स्पेशल सेल में तैनात इंस्पेक्टर सुनील राजैन व इंस्पेक्टर धीरज महलावत की टीम ने इन छह स्लीपर सेल समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लश्कर ए ताइबा के इस बांग्लदेशी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है।
स्पेशल सेल की टीमें बाकी आरोपियों को तलाश करने के लिए देश में जगह-जगह दबिश दे रही हैं। दिल्ली पुलिस की टीमें फिर से कोलकाता व तमिलनाडु जाएंगी। बताया जा रहा है कि तमिलनाडु में काफी बांग्लादेशी अवैध रूप से रह रहे हैं।