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बेटे के शव को छाती से लगाए घर की चौखट पर घंटों बिलखती रही मां, मकान मालिक ने नहीं खोला दरवाजा

Fri, 25 May 2018 11:50 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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फाइल फोटो
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एक बुजुर्ग मां अपने बेटे के शव को छाती से लगाए घर की चौखट पर घंटों बिलखती रही। लेकिन मकान मालिक ने दरवाजा नहीं खोला। जानिए आखिर मकान मालिक ने ऐसा क्यों किया...
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घटना देश की राजधानी दिल्ली की है। एक बुजुर्ग मां के लिए शायद इस संसार का सबसे बड़ा दुख बेटे की मौत का होगा। गोकुलपुरी इलाके में हादसे का शिकार बेटे के शव लेकर जब मां घर के दरवाजे पर पहुंची तो वहां का नजारा देखकर उसका बुरा हाल हो गया। 

दरअसल, बेरहम मकान मालिक ने मां-बेटे का सामान घर के बाहर फेंक दिया था। जिसके बाद महिला बेटे के शव के साथ मकान मालिक के घर के दरवाजे पर बैठ गई। खबर मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंची। 
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बृहस्पतिवार देश शाम पुलिस ने किसी तरह समझाकर बेटे का अंतिम संस्कार करवाया। अधिकारी महिला को घर में दाखिल करवाने की बात कर रहे हैं। वहीं, बुजुर्ग का रो रोकर बुरा हाल है।
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कमरे में ताला लगा था

डेमो - फोटो : डेमो
पुलिस के मुताबिक, मूलरूप से अढरूईमा कायमगंज, यूपी निवासी मृतक रामनिवास (35) मां राम दर्शनी के साथ भागीरथी विहार के मकान में किराए पर रहता था। राम निवास पेश से मजदूर था। मकान मालिक प्रेम चंद का बराबर में एक और मकान है। 

वह इस मकान को दोबारा बना रहा है। मकान तोड़ने का जिम्मा उसने रामनिवास को दिया था। मकान का मलबा प्रेम चंद ने अपने मकान की छत पर रखवाया था। गत 18 मई को अचानक मकान की छत गिर गई। जिसमें उसमें राम निवास व प्रेमचंद की पत्नी विद्या देवी जख्मी हो गए। 

घायलों को जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान बृहस्पतिवार सुबह रामनिवास की मौत हो गई। पुलिस ने लापरवाही से मौत का मामला दर्ज कर लिया। इधर, बूढ़ी मां शाम के समय पोस्टमार्टम करवाकर बेटे का शव लेकर घर पहुंची तो देखा कि प्रेम चंद ने कमरे से सामान निकालकर सड़क पर रख दिया था। कमरे में ताला लगा था। 
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