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किसानों का बवाल, 150 एकड़ के लिए कोर्ट जाएंगे

Tue, 29 Apr 2014 06:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
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ग्रेटर फरीदाबाद के पांच गांवों के किसान हुडा को झटका देने की तैयारी में जुट गए हैं। अधिग्रहण के खिलाफ पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका डालने के लिए किसानों ने मंगलवार को सर्वसम्मति से फैसला लिया।
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ग्रेटर फरीदाबाद किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में मंगलवार को बड़ौली गांव में प्रह्लादपुर, मिर्जापुर, बड़ौली, सीही एवं भतौला गांव के 90 किसानों की एक बैठक हुई। जिसकी अध्यक्षता समिति के कार्यकारी अध्यक्ष शिवदत्त वशिष्ठ ने की। इस मौके पर उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की नई भूमि अधिग्रहण नीति में यह प्रावधान है कि जिन किसानों ने अधिग्रहण के पांच वर्ष बाद भी मुआवजा नहीं उठाया है, उस जमीन का अधिग्रहण रद्द हो सकता है।

ऐसे में पांच गांवों के किसानों की जबरन अधिग्रहण कर ली गई लगभग 150 एकड़ जमीन किसानों को वापस मिल सकती है। लेकिन इसके लिए हाईकोर्ट में लड़ाई लड़नी पड़ेगी। जिस पर सभी किसानों ने कोर्ट में हुडा से जमीन वापस लेने के लिए याचिका दायर करने की सहमति दे दी।
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वशिष्ठ ने बताया कि सेक्टर 75-80 में 638 एकड़ जमीन अधिग्रहण करने के लिए हुडा ने 2006 में सेक्शन चार का नोटिस पांच गांव के किसानों को दिया था। सेक्शन छह का नोटिस जारी कर 24 अप्रैल 2008 को 16 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से अवॉर्ड सुना दिया गया। कुछ जमीन तो बिल्डरों ने ले ली थी और कुछ मास्टर रोड के लिए अधिग्रहित की गई। लेकिन 90 किसानों की 150 एकड़ जमीन बिना किसी मतलब के हुडा ने अधिग्रहित कर ली।

हुडा की इस कार्यप्रणाली से नाराज किसानों ने इतनी कम कीमत पर जमीन देने से इनकार कर दिया। तभी से आज तक किसी भी किसान ने मुआवजा नहीं उठाया है। बैठक में जय नरायण, मनोज यादव, निरंजन चंदीला, सतराम, प्रदीप वशिष्ठ ब्रह्मदत्त, ओम प्रकाश, गोरखी, रामपाल, नरेंद्र शर्मा, लख्मी, राम कुमार एवं राजकुमार सहित कई किसान मौजूद रहे।
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