‘कानून निर्माताओं को कानून का उल्लंघन करने वाले के रूप में नहीं देखा जा सकता। उच्च पदों पर आसीन राजनीतिक व्यक्तियों को समाज में इसके प्रभावों को देखते हुए सभ्य भाषा में सार्वजनिक भाषण देना चाहिए। उन्हें गैर-जिम्मेदाराना बयान नहीं देना चाहिए, क्योंकि उन्हें अपनी स्थिति और उच्च पद की गरिमा के अनुरूप आचरण करना होता है।’
- हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ
मुख्य आरोपी आशीष की जमानत पर सुनवाई 25 को
सुप्रीम कोर्ट से जमानत रद्द होने के बाद केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे और मुख्य आशीष मिश्र उर्फ मोनू की तरफ से हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में दोबारा दायर जमानत अर्जी पर न्यायमूर्ति कृष्ण पहल ने अगली सुनवाई 25 मई को नियत की है।
बता दें कि यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के इलाके के दौरे के विरोध में पिछले साल तीन अक्तूबर को लखीमपुर खीरी में कथित तौर पर भाजपा कार्यकर्ताओं को ले जा रहे वाहनों ने चार किसानों और एक पत्रकार को कुचल दिया था। इसके बाद हुई हिंसा में गुस्साई भीड़ ने बीजेपी के दो कार्यकर्ताओं समेत तीन लोगों की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी।