छोटे-छोटे खुलासे कर सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोरने वाली लिंक रोड एसएचओ लक्ष्मी चौहान खुद को लेडी सिंघम कहलाना पसंद है। बरामदगी की रकम में से 70 लाख रुपये डकारने का राज खुलने के बाद उसने महकमा शर्मसार किया। अब जिस थाने की थानेदार थी उसी में आरोपी बनी है। निलंबन की कार्रवाई के बाद लिंक रोड पुलिस अपनी ही एसएचओ सहित सातों पुलिस कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करेगी।
एसएचओ कर रही थीं मामले की जांच
एटीएम में कैश जमा करने वाली कंपनी सीएमएस इंफोसिस सिस्टम का ऑफिस साइट-4 साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र में है। कंपनी के डायरेक्टर मोहम्मद अंजल आलम ने गत 22 अप्रैल के कैश कस्टोडियन एजेंट राजीव सचान पर 72 लाख 58 हजार 500 रुपये के गबन का आरोप लगाते हुए लिंक रोड थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। डायरेक्टर के मुताबिक उनकी कंपनी एटीएम में कैश डालने की काम करती है। इस काम के लिए उन्होंने कस्टोडियन एजेंट के तौर पर कर्मचारी रखे हुए हैं, जो गनमैन के साथ कैश वैन से कैश फीडिंग करते हैं। मामले की जांच लिंक रोड एसएचओ लक्ष्मी चौहान द्वारा की जा रही थी।
ऐसे हुआ था फर्जीवाड़ा
डायरेक्टर के मुताबिक गत 21 अप्रैल को राजीव सचाव दफ्तर से 78 लाख रुपये लेकर एटीएम में डालने के लिए गया। उसके साथ कैश वैन चावलक पुष्पेंद्र, गनमैन रविंद्र व हरिसिंह थे। दोपहर करीब 2 बजे राजीव दफ्तर लौटा। उसने 17 लाख फीड न होने की बात कहते हुए लौटा दिए और बाकी 61 लाख रुपये फीड होने की बात कही। डायरेक्टर के मुताबिक राजीव ने जो सील्ड बैंग कंपनी में जमा किया, उसमें रकम कम थी। इसके बाद वह अगले दिन भी दफ्तर नहीं आया।
सीसीटीवी फुटेज बनी अहम मददगार
बरामद कैश में 70 लाख डकारने की सूचना पर मामले की जांच हुई तो लिंक रोड पुलिस बेनकाब होती चली गई। जानकारी के मुताबिक एक सीसीटीवी फुटेज मिली, जिसमें पुलिसकर्मी कैश से भरे एक बैग को प्राइवेट कार से शिफ्ट करते नजर आ रहे हैं। सूत्रों की मानें तो राजीव सचान को उसके साथी से नोटों से भरे दो बैग मिले, जिनमें से एक को मोहननगर में गायब कर दिया गया।
खाकी के दामन पर दाग बर्दाश्त नहीं : एडीजी
एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया कि लिंक रोड एसएचओ व अन्य पुलिस कर्मियों ने पुलिस महकमे की छवि धूमिल की है। निलंबन के साथ-साथ उनके खिलाफ विभागीय व विधिक कार्रवाई भी की जा रही है। खाकी केदामन को दागदार करने वाले पुलिसकर्मियों के साथ किसी तरह की रियायत नहीं बरती जाएगी। उक्त मामले में भी निश्चित तौर पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।