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लिव-इन-पार्टनर से बेमेल मोहब्बत का अंजाम बेहद खतरनाक, डेढ़ महीने बाद सामने आई वारदात की पूरी सच्चाई

Wed, 27 Mar 2019 07:22 PM IST
vivek shukla न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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फाइल फोटो
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दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को हत्या का एक ऐसा केस दर्ज किया है जिसके बारे में जो भी सुन रहा है वह हैरान है। दरअसल एक महिला पर उसके ही लिव-इन-पार्टनर की हत्या का आरोप लगा है। सुनीता नाम की इस महिला के पड़ोसी बताते हैं कि उसका रहन-सहन उन्हें फरवरी मध्य से ही बदला-बदला सा लगने लगा था।

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30 वर्षीय सुनीता ने सलवार-कुर्ता पहनना शुरू कर दिया था। वह लोगों की शादियों में जाने लगी थी और खाना भी बाहर से ऑर्डर करने लगी थी। इसी बीच उसने एक पुराना फ्रिज भी खरीदा और केबल कनेक्शन भी लगवा लिया। आगे पढ़िए क्या है पूरी दिल दहला देने वाली वारदात जिसमें महिला ने अपने लिव-इन-पार्टनर के टुकड़े-टुकड़े कर दिए...

जब पुलिस ने गहनता से जांच की तो यह राज सामने आया कि सुनीता के बदले हुए व्यवहार का और उसकी नई आजादी का क्या कारण है। पुलिस ने बताया कि सुनीता ने अपने 55 वर्षीय लिव-इन-पार्टनर राजेश की हत्या कर उसका धड़ अपने उत्तरी दिल्ली के स्वरूप नगर वाले घर में गाड़ दिया। वहीं उसका सिर और शरीर का निचली हिस्सा काटकर आसपास के क्षेत्रों में फेंक दिया।
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20 मार्च को जिस वारदात की बात सामने आई वह 11 फरवरी को ही घटित हुई थी। पुलिस ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि सुनीता राजेश द्वारा पीटे जाने और उत्पीड़ित किए जाने से तंग आ चुकी थी और इसीलिए उसने राजेश की हत्या कर दी।

सुनीता की मां के साथ भी लिव इन में रहा राजेश

पुलिस ने जानकारी दी कि जब सुनीता 15 साल पहले राजेश के साथ भागी थी तब उसने एक हसीन जिंदगी का सपना देखा था। वह जब सिर्फ 13 साल की थी तब वह अपने घर (दुर्ग, छत्तीसगढ़) से भाग गई थी और फिर कभी नहीं लौटी। यहां तक कि उसे अपने गांव का नाम तक नहीं याद है। दिल्ली में वह बिहार के छपरा के रहने वाले राजेश से मिली जो मिस्त्री का काम करता था।

राजेश अपनी मां को छोड़कर सुनीता के साथ रहने लगा। दोनों ने शादी नहीं लेकिन वह एक शादीशुदा जोड़े की तरह ही रहते थे और उनका एक 8 साल का बेटा भी है। सुनीता घर का खर्च चलाने के लिए कपड़े भी सिलती थी।

जिंदगी हुई बदतर
राजेश के साथ एक हसीन जिंदगी का सपना देखने वाली सुनीता की जिंदगी उसके साथ रहकर जहन्नुम हो चुकी थी। पड़ोसियों ने बताया कि दोनों स्वरूप नगर में पिछले 6 साल से रह रहे थे। शुरुआत में राजेश सुनीता को घर से बाहर नहीं निकलने देता था और पड़ोसियों से बातें भी नहीं करने देता था। उसे सिर्फ साड़ी पहनने की इजाजत थी जबकि वह लंबे सलवार कुर्ते पहनना चाहती थी।

संगीता नाम की एक पड़ोसन ने बताया कि राजेश की हत्या से कुछ दिन पहले ही राजेश ने सुनीता को बालों से घसीटकर पीटा था और उस पर ठंडा पानी डाल दिया था। ये सब उसने बिना कुछ कहे सहा। सुनीता लोगों से घुलना मिलना चाहती थी जबकि राजेश एकांत में रहता था।

सुनीता की मां के साथ भी लिव इन में रहा राजेश
अमृत विहार के सी ब्लाक में 30 वर्षीय सुनीता और 60 वर्षीय राजेश लिव इन में पिछले करीब आठ वर्ष से रह रहे थे। राजेश पहले सुनीता की मां के साथ लिव इन में रहता था। बाद में उसकी मां को झारखंड भेजकर सुनीता के साथ रहने लगा। दोनों के संबंधों से आठ साल का बेटा भी है।
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ऐसे सच्चाई आई बाहर

बाजार सीताराम में रहने वाला मकान मालिक अपना किराया लेने के लिए इस मकान पर आया था। उसने राजेश के बारे में पूछा तो पता चला कि वह 14 फरवरी से घर से गायब था। उसे कुछ शक हुआ। उसने देखा कि उसके डेढ़ सौ गज के प्लाट के पीछे खाली जमीन खोदी हुई थी।

शक होने पर वह उस जगह खुदाई करने लगा। इस पर सुनीता ने पूरी कहानी बयां कर दी। इसके बाद मकान मालिक ने पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर जमीन से शव के अवशेषों को निकालने की तैयारी शुरू कर दी है। 

झगड़ों से तंग आकर की हत्या
सुनीता ने पुलिस को बताया कि राजेश अक्सर शराब के नशे में उसके साथ मारपीट करता था। जिससे वह उससे पीछा छुड़ाना चाहती थी। 13 फरवरी की रात राजेश ने उसकी पिटाई शुरू की। उसी रात सुनीता ने राजेश की चाकू घोंपकर हत्या कर दी। फिर सिर को भलस्वा डेरी इलाके में फेंक दिया। वहीं धड़ से हाथ पैर भी अलग कर दिए। उसने धड़ को घर के पीछे खाली जमीन में दफना दिया।  हाथ पैर भी किसी स्थान पर फेंक दिए और चाकू खाली प्लाट में फेंक दिया। पुलिस अब भलस्वा डेयरी से बरामद सिर और शरीर के अन्य अंगों की डीएनए जांच कराएगी।
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