उन्होंने कहा कि राजीव गांधी चौक, ओल्ड फरीदाबाद से सरेआम युवती को अगवाकर गैंगरेप की घटना से बड़ा कोई अपराध नहीं हो सकता और ऐसी घटनाओं ने जहां प्रदेश की जनता को झकझोर कर रख दिया है, वहीं मानवता को शर्मसार किया है।
सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है। प्रदेश में कानून व्यवस्था चौपट हो गई है। पूर्व विधायक ने मुख्यमंत्री से तुरंत इस्तीफे की मांग करते हुए जिला उपायुक्त के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।
महिलाओं ने रोष प्रदर्शित करते हुए उपायुक्त को मुख्यमंत्री और उनके मंत्रीमंडल के लिए ढेर सारी चूड़ियां भी भेंट की। इस मौके पर दो महिलाओं ने पुलिस की नाकामी की दास्तान उनके साथ हुई घटनाओं के बारे में सुना कर बताई।
महिलाएं नारे लगाते हुए उपायुक्त कार्यालय में घुस गई और पुलिस के साथ भी उनकी धक्का-मुक्की हुई। इस मौके पर कांग्रेस नेत्री साधना सिंह, हरदम देवी, निहाला, राजबाला, सुषमा, धर्मवती, सगीरन, सरला, आशा टोंगर, लक्ष्मी, मालवती पांचाल, किरण, राजवती, मंजू, रेखा, वीरवति, नूरबानो, नफीसा, पूनम, ललिता और आयशा सहित कई महिलाएं मौजूद थीं।