सीबीडी ग्राउंड में हादसे का शिकार हुए रवि और संजय ने सुरक्षा उपकरणों के बिना गहरे सीवर में उतरने से इनकार कर दिया था। ठेकेदार शैंकी ने उनकी शनिवार की भी दिहाड़ी न देने की धमकी देकर जबरन उन्हें 15 फुट गहरे सीवर में उतार दिया। हादसा हुआ तो शैंकी वहां से खिसक गया। घटना के बाद से रवि के परिवार में मातम है। उधर, संजय के परिजन उसकी सलामती के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। परिजनों ने ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
न्यू संजय अमर कॉलोनी में डी-94 में रवि बड़े भाई सोनू, भाभी पिंकी और अन्य परिजनों के साथ रहता था। रवि दिहाड़ी पर सफाई का काम करता था। परिवार ने उसकी शादी के लिए लड़की देख रखी थी। जल्द ही उसकी शादी होने वाली थी। उसकी मौत के बाद परिवार का रोते-रोते बुरा हाल था। उधर, संजय परिवार के साथ बी-236, न्यू संजय अमर कॉलोनी में रहता है। इसके परिवार में दो भाई प्रदीप, विष्णु, पिता मोती लाल व मां मुन्नी देवी के अलावा पत्नी सीमा व चार बच्चे हैं। संजय की हालत बेहद नाजुक है। परिवार उसके जल्द ठीक होने की प्रार्थना कर रहा है।
जहरीली गैसों से खत्म होती है ऑक्सीजन
सीवर के अंदर अमोनिया, कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और हाईड्रोजन सल्फाइड जैसी जहरीली गैसें होती हैं। इस कारण सीवर में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। इससे नीचे उतरने वाले सफाईकर्मियों को सांस लेने में समस्या होने लगती है। सल्फर डाइऑक्साइड से गले में जलन शुरू हो जाती है। वहीं कार्बन मोनोऑक्साइड की चपेट में आने से लोगों को उल्टी, सिरदर्द के बाद बेहोशी छा जाती है। इसी तरह अमोनिया की चपेट में आने से आंख और गले में जलन होती है। इससे फेफड़े तक खराब हो सकते हैं।