सिरहौल स्थित एक एक्सपोर्ट कंपनी ओरिएंट क्राफ्ट में शुक्रवार को करंट लगने से एक श्रमिक की मौत के बाद जमकर बवाल हुआ। कंपनी के बाहर जमा हुए लोगों ने जमकर पथराव किया।
उन्हें रोकने पहुंची पुलिस टीम भी गुस्साए लोगों का शिकार बनी। पथराव में एक अधिकारी समेत नौ पुलिसकर्मी घायल हो गए। भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े।
शुक्रवार की सुबह कंपनी में काम शुरू होने के डेढ़ घंटे बाद एक श्रमिक की करंट लगने से मौत की सूचना मिली। बताया जाता है कि स्थिति तब गंभीर हो गई जब इस खबर को सुनकर प्लांट में काम करने वाली दो महिलाएं बेहोश हो गई।
इसके बाद श्रमिक प्लांट छोड़कर बाहर आ गए। स्थिति की गंभीरता को देख प्रबंधन ने इसकी सूचना पुलिस को दी। इस बीच आसपास की कंपनियों के श्रमिक भी वहां एकत्र हो गए। उनके आक्रामक रुख को देखते हुए कंपनी के गेट पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
इसी बीच श्रमिकों ने पथराव शुरू कर दिया। इसमें गेट के सामने खड़ी 15 से ज्यादा गाड़ियाें को निशाना बनाया गया। उनके शीशे तोड़ डाले गए। पथराव में एसीपी नरेंद्र कादियान समेत नौ पुलिसकर्मियों को चोटें भी आईं। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए आंसू गैस के गोले दागे। इससे भगदड़ मच गई।
इसके बाद पुलिसकर्मियों ने श्रमिकों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। अनियंत्रित हुए माहौल की खबर मिलते ही डीसीपी वेस्ट विकास धनखड़ समेत सभी क्षेत्रों के एसीपी वहां पहुंच गए। शाम पांच बजे के बाद स्थिति नियंत्रण में आ सकी।
उधर, मृत श्रमिक की पहचान कानपुर ईदेरा के सुनील पुष्पकर (34) के रूप में की गई है। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर डॉ. दीपक माथूर ने कहा कि रिपोर्ट में मौत का कारण हाथ में करंट लगना सामने आया है। इस बारे में डीसीपी वेस्ट ने बताया कि भीड़ में कुछ लोगों ने प्रायोजित तरीके से पुलिसकर्मियों को घेर कर पथराव किया।