जयभारत रामलीला क्लब के तत्वाधान में नगर के रामीला मैदान में चल रही रामलीला में सोमवार की रात आखरी दिन कुम्भकर्ण, मेघनाथ व अहिरावण वध तथा सलोचना सती का मचन किया गया।
रामलीला के आखरी दिन क्षेत्र लोग भारी तादाद में रामलीला देखने के लिए नगर में पहुंचे। रामलीला में भारी भीड भाड देखने को मिली। रामलीला में कुम्भकर्ण का पात्र सुनिल जागिंड ने, मेघनाथ रवि, सलोचना रोहताश व रावण गिल्लू, हनुमान जगदीश मेंहदीरत्ता, लक्ष्मण का किरदार यूसूफ ने निभाया।
हास्य कलाकार समय के दिखाए पात्र पर लोगों ने जमकर ठहाके लगाए। रामलीला में दर्शाया गया कि बुराई पर हमेशा अच्छाई की जीत होती है। मनुष्य को कभी भी जिद नहीं करनी चाहिए।
रावण की जिद व अहंकार के कारण रावण व उसके परिवार का पतन हो गया था। रावण की पुत्र वधु सलोचना एक अवतार की पुत्री थी,लेकिन रावण के अहंकार के कार उसे भी अपने पति के साथ सती होना पडा।