सियासी गलियारे में कुमार विश्वास के बयानों की आलोचना के बाद आप की जनसभा में भी यह मुद्दा उठने लगा है।
रविवार को विश्वासनगर विधानसभा के आईपी एक्सटेंशन में हुई जनसभा में लोगों ने ‘आप’ के नेताओं से इस बारे में शिकायत की।
जनमत संग्रह खत्म होने के बाद कुछ स्थानीय लोगों ने वहां आप के नेता से कहा कि कुमार विश्वास जिस तरह अशोभनीय भाषा का प्रयोग कर रहे हैं वह न करें। यह आम आदमी को शोभा नहीं देता है।
लोगों ने नेताओं से अपनी यह बात केजरीवाल तक पहुंचाने की भी अपील की। जंतर-मंतर पर हुई एक सभा के दौरान कुमार विश्वास ने पद्मश्री अवार्ड के विषय में भी आपित्तजनक भाषा का प्रयोग किया था।
इतिहास में पहली बार
कांग्रेस व भाजपा जैसे राजनीतिक दल जहां आप के जनमत संग्रह को नौटंकी कह रहे हैं। वहीं आम आदमी पार्टी इसे अपना राजनीतिक स्टंट बना रही है। जनसभाओं में वह इस जनमत संग्रह को इतिहास में पहली बार हो रहे प्रयोग के तौर पर प्रचारित कर रही है।
'मोदी हिमालय जैसे, राहुल गांधी बौना'
जनसभाओं में जो बैनर दिखे उनमें लिखा था कि इतिहास में पहली बार जनता की राय से बनेगी सरकार। जनता ने भी आप के इस फैसले को सही ठहराते हुए अच्छा कदम बताया।
भीड़ में फंसे अरविंद केजरीवाल
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल रविवार को एक जनसभा में समर्थकों की भीड़ में इस कदर फंस गए कि उन्हें वहां से निकलकर अपनी कार तक पहुंचने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी।
अरविंद रविवार को कालीबाड़ी मार्ग पर सभा करने के बाद मंच से नीचे उतरे। इसी दौरान भीड़ ने उन्हें घेर लिया। करीब 50 मीटर की दूरी पर खड़ी कार तक पहुंचने में केजरीवाल और उनके वॉलंटियर्स के पसीने छूट गए। यहां हर कोई केजरीवाल से हाथ मिलाने को बेताब था।