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Krishna Nagar Fire: हादसे में जान गंवाने वाले केशव के चाचा बोले- वह दिल्ली पुलिस में भर्ती होना चाहता था

Sun, 26 May 2024 10:13 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

आग की वजह से इमारत की पार्किंग में खड़े 14 दोपहिया वाहन भी जल गए। शुरुआती जांच के बाद पुलिस को पता चला कि मीटर के पैनल में चिंगारी निकलने से पार्किंग में खड़े वाहनों में आग लग गई।
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Krishna Nagar Fire - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शाहदरा जिले के कृष्णा नगर इलाके में शनिवार देर रात चार मंजिला इमारत में आग लग गई। पार्किंग में लगी आग की तपिश और धुआं ऊपरी मंजिलों पर पहुंचा तो सोते हुए लोगों की नींद खुली। अचानक वहां अफरा-तफरी मच गई। चीख-पुकार के बीच पुलिस व दमकल विभाग को सूचना दी गई। पड़ोसी भी मदद के लिए भागे। मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने के साथ इमारत में फंसे लोगों को निकालना शुरू किया। इमारत के पिछले हिस्से और सामने की ओर सीढ़ी लगाकर धीरे-धीरे 12 लोगों को निकालकर अलग-अलग अस्पताल में भेजा गया। जीटीबी अस्पताल में पहले मां-बेटे को मृत घोषित किया गया। बाद में पहली मंजिल से एक और बुजुर्ग महिला का शव जली हालत में मिला। मृतकों की शिनाख्त प्रोमिला साध (66), महिला अंजू शर्मा (39) और इनके बेटे केशव शर्मा (18) के रूप में हुई है। वहीं अस्पताल में तीन लोगों की हालत गंभीर है। बाकी सात को मामूली चोटें आई हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

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केशव के चाचा अश्विनी शर्मा के मुताबिक वह दिल्ली पुलिस में शामिल होना चाहता था। अश्विनी शर्मा ने कहा कि उनके बेटे के दोस्त ने उन्हें रात करीब 2.30 बजे घटना की जानकारी दी। वह कड़कड़डूमा से एक कार्यक्रम में शामिल होकर लगभग दो बजे लौट रहा था। उसने इमारत को जलता देखा और इसकी जानकारी दी। अश्विनी ने बताया कि भूतल पर एक दुकान थी जहां लगभग 20 से 25 इलेक्ट्रिक और पेट्रोल वाहन खड़े थे। रात में इलेक्ट्रिक वाहन को चार्ज पर लगाया था और शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की बात कही है। 

14 दोपहिया वाहन जल गए
आग की वजह से इमारत की पार्किंग में खड़े 14 दोपहिया वाहन भी जल गए। शुरुआती जांच के बाद पुलिस को पता चला कि मीटर के पैनल में चिंगारी निकलने से पार्किंग में खड़े वाहनों में आग लग गई। धीरे-धीरे वाहनों का धुआं और हीट ऊपरी मंजिल पर पहुंची। नीचे से निकलकर जाने का रास्ता बंद हो गया। लोग घरों में कैद हो गए। क्राइम टीम, एफएसएल, बीएसईएस और दमकल विभाग की टीमों ने मौके का मुआयना किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आग की सही वजहों का पता करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि शाॅर्ट सर्किट की आशंका है। 

रात 2.35 बजे पुलिस को मामले की सूचना मिली
जिला पुलिस उपायुक्त सुरेंद्र चौधरी ने बताया कि टीम को शनिवार देर रात 2.35 बजे सूचना मिली कि गली नंबर-1, छाछी बिल्डिंग के नजदीक चार मंजिला इमारत में आग लग गई है। खबर मिलते ही बचाव दल को मौके पर भेजा गया। यहां करीब 100 गज की चार मंजिला इमारत में ग्राउंड फ्लोर पर पार्किंग थी। बाकी ऊपरी चार मंजिलों पर आठ फ्लैट बने हैं।

कुछ सीढ़ी से निकाले गए तो कुछ फंस गए
आग लगते ही ज्यादातर लोग किसी न किसी तरह सुरक्षित बाहर निकल गए, लेकिन कई लोग इमारत में फंस गए। पहली मंजिल पर सामने की ओर बने फ्लैट में प्रोमिला साध, इनके पति श्रीकांत साध और बेटी सोनम साध रहते थे। प्रोमिला को चलने में दिक्कत थी। आग लगी तो इनके पति सुरक्षित निकल गए। बेटी को पीछे की ओर से सीढ़ी लगाकर उतार लिया गया, जबकि प्रोमिला वहीं फंस गईं।
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दूसरी मंजिल पर करण राज भल्ला अपनी पत्नी सीमा व तीन बेटे राहुल, रोहित और मनीष के साथ रहते हैं। वह भी फंस गए। उनको पीछे की ओर से सीढ़ी लगाकर निकाला गया। तीसरी मंजिल खाली है। चौथी मंजिल पर अंजू शर्मा अपने पति देवेंद्र, बेटे केशव के साथ किराये पर रहती थीं।

हादसे में केशव और अंजू की मौत हो गई। देवेंद्र झुलस गए। इनके सामने वाले मकान में चौथी मंजिल पर गौरव शर्मा अपनी पत्नी रुचिका और छह साल के बेटे दिव्यांश के साथ रहते हैं। हादसे में रुचिका भी झुलस गई। अस्पताल में देवेंद्र, रुचिका और सोनम की हालत नाजुक बनी हुई है। बाकी दिव्यांश, गौरव, करण राज भल्ला, राहुल, रोहित, मनीष और सीमा मामूली रूप से झुलसे हैं।
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