नव नियुक्त केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं जहाजरानी राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि वह हरियाणा के सीएम पद की दौड़ में नहीं हैं। न ही उनकी ऐसी कोई मंशा है।
वह दिल्ली से चंडीगढ़ नहीं जाएंगे। क्षेत्र की जनता ने लोकसभा में भेजा है, इसलिए फिलहाल तो केंद्रीय राजनीति से ही सेवा करेंगे। गुर्जर मंत्री बनने के बाद पहली बार शहर पहुंचकर सेक्टर-28 स्थित अपने घर में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि भाजपा विधानसभा चुनाव किस पार्टी के साथ मिलकर लड़ेगी, यह नेतृत्व तय करेगा। उन्हें जो भी जिम्मेदारी मिलेगी पूरी निष्ठा के साथ निभाएंगे।
जब एक सवाल पर असहज हो गए गुर्जर
टोल टैक्स के खिलाफ आंदोलन करने वाले मुद्दे को उन्होंने चुनाव में कैश किया था। इसलिए टोल खत्म कराने के सवाल पर गुर्जर थोड़े असहज हो गए। उन्होंने कहा कि टोल टैक्स के बारे में पिछली सरकार ने एजेंसियों के साथ एग्रीमेंट किया था।
अब हमें देखना यह है कि कहां-कहां पर शर्तों का उल्लंघन हो रहा है। हम इस बारे में जल्दबाजी नहीं करना चाहते, ताकि कोई कानूनी पेंच फंसे।
इस बारे में कानूनी राय लेकर ही कुछ किया जाएगा। अच्छा होगा कि प्रदेश सरकार केंद्र सरकार से पहले ही टोल खत्म करने का फैसला ले ले।
तो शहर का उद्धार तय है
गुर्जर ने कहा कि कांग्रेस के राज में जो देश भारत को कुछ समझते नहीं थे। आंखें दिखाते थे अब वह चुप हैं। देश के लोग कांग्रेस के राज में असुरक्षित महसूस करते थे। लेकिन मोदी सरकार आते ही उनके अंदर विश्वास पैदा हुआ है। नई सरकार पूरे देश को विकास और सुशासन देने के लिए काम करेगी।
फरीदाबाद उनका गृह जनपद है। इसलिए इसकी दूसरे शहरों से कनेक्टिविटी, यहां की सड़क, बिजली, पानी, उद्योगों और रोजगार की समस्या की चिंता छोड़ दीजिए। यह उनकी व्यक्तिगत समस्या है।
गुड़गांव और नोएडा के मुकाबले फरीदाबाद का विकास करने के लिए शहरी विकास मंत्रालय से पैकेज मांगा जाएगा। किसी प्रधानमंत्री ने 50 साल बाद इस शहर को मंत्री पद का तोहफा दिया है तो कुछ सोच समझकर ही दिया होगा। इसलिए शहर का उद्धार तो तय है।