गौरतलब है कि दिल्ली के द्वारका में सेक्टर-10 की रहने वालीं डॉ. विशाखा त्रिपाठी, उनकी बहनें डॉ. श्यामा त्रिपाठी व डॉ. कृष्णा त्रिपाठी रविवार रात मथुरा के वृंदावन से दिल्ली के लिए चली थीं। उनके साथ चालक संजय मलिक व अनुयायी मथुरा निवासी हंसा पटेल, प्रतापगढ़ निवासी कंचन उर्फ कश्मीरा, दिल्ली निवासी गरिमा, दिल्ली निवासी दीपक भरेजा भी थे। सभी लोग सिंगापुर जाने के लिए वृंदावन से दिल्ली के एयरपोर्ट जा रहे थे।
दनकौर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत यमुना एक्सप्रेस-वे पर आठ किलोमीटर के बोर्ड के पास रविवार रात शराब की खाली बोतल फिरोजाबाद से करनाल लेकर जा रहे एक तेज रफ्तार अनियंत्रित कैंटर ने टोयोटा इनोवा हायक्रॉस कार को टक्कर मार दी थी। इनोवा हायक्रॉस लेफ्ट साइड के क्रैश बैरियर पर चढ़ गई थी। टक्कर के बाद कैंटर इनोवा के आगे मौजूद टोयोटा कैमरी कार पर चढ़ गया था। इससे टोयोटा कैमरी में सवार डॉ. विशाखा त्रिपाठी उसमें दब गईं। वहीं टोयोटा इनोवा हायक्रॉस में सवार डॉ. श्यामा त्रिपाठी व डॉ. कृष्णा त्रिपाठी के अलावा संजय, दीपक भरेजा, दिल्ली निवासी गरिमा गुप्ता, हंसा पटेल, प्रतापगढ़ निवासी कंचन पटेल उर्फ कश्मीरा घायल हो गए थे। सभी को अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान डॉ. विशाखा त्रिपाठी की मौत हो गई थी। वहीं दोनों बहनों के हालत गंभीर बनी हुई है।
हादसे में घायल प्रतापगढ़ निवासी कंचन पटेल उर्फ कश्मीरा का ग्रेटर नोएडा के अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने मामले में चालक प्रवीण की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा-281 (लापरवाही से वाहन चलाने), 125ए (मानव जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालना), धारा-106 (1) (किसी व्यक्ति की मृत्यु के मामले में लापरवाही), धारा-125बी (किसी व्यक्ति की जान या व्यक्तिगत सुरक्षा को जान-बूझकर खतरे में डालने वाला कार्य), धारा-324 (2) शरारती कार्य से व्यक्ति को क्षति पहुंचाने की धाराओं केस दर्ज किया गया था। फिरोजाबाद के आरोपी चालक हरेंद्र यादव उर्फ सोनू को गिरफ्तार करके जेल भेजा है। वहीं पुलिस ने साजिश की शिकायत पर कैंटर मालिक से भी पूछताछ की है। घटना के बाद फरार हुए चालक ने पुलिस को पूछताछ में गुमराह किया था।