फिरोजशाह कोटला मैदान में साउथ अफ्रीका-भारत के बीच होने वाले तीसरे टेस्ट पर छाए संकट के बादल आंशिक रूप से छंट गए हैं। हाईकोर्ट ने साउथ एमसीडी को निर्देश दिया कि वह मैच करवाने के लिए दिल्ली एंड जिला क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) को सशर्त प्रोविजनल सर्टिफिकेट प्रदान करे।
अदालत ने स्पष्ट किया कि इसके बाद कभी डीडीसीए को प्रोविजनल सर्टिफिकेट प्रदान नहीं किया जाएगा और उसे स्टेडियम में हर हाल में 31 मार्च 2016 तक पूरा कामकाज करवाना होगा।
इतना ही नहीं अदालत ने डीडीसीए में व्याप्त अनियमितताओं के आरोप के ध्यानार्थ टेस्ट मैच, पूरे कार्यक्रम व राजस्व पर निगरानी के लिए हाईकोर्ट के रिटायर जज मुकुल मुदग्ल की नियुक्ति कर दी।
31 मार्च 2016 तक पूरा करना होगा निर्माण कार्य
वहीं डीडीसीए पर दिल्ली सरकार द्वारा मनोरंजन टैक्स के मुद्दे पर किए गए फैसले की तलवार लटक रही है। इस मुद्दे पर दायर याचिका पर बृहस्पतिवार को सुनवाई होगी।
न्यायमूर्ति बीडी अहमद व न्यायमूर्ति संजीव सचदेव की खंडपीठ ने डीडीसीए के अधिवक्ता सुनील मित्तल व अंशुल मित्तल के अलावा दिल्ली सरकार के अधिवक्ता दयान कृष्णन, एमसीडी अधिवक्ता गोरांग कंठ व क्रिकेटर कीर्ति आजाद के तर्क सुनने के बाद कहा कि यह गंभीर मामला है कि हर बार स्टेडियम में मैच प्रोविजनल सर्टिफिकेट के आधार पर होता है।
खंडपीठ ने कहा कि वे अंतिम बार प्रोविजनल सर्टिफिकेट प्रदान करने का निर्देश देते हैं। अदालत ने डीडीसीए को निर्देश दिया कि वह 31 मार्च 2016 तक एमसीडी, अर्बन विभाग, आपदा प्रबंधन इत्यादि विभागों द्वारा तय नियमों के तहत स्टेडियम में निर्माण कार्य पूरा कर सर्टिफिकेट प्राप्त करेगा।
दो हफ्ते में जमा करना होगा पचास लाख
अदालत ने डीडीसीए को संपत्ति कर के रूप में एमसीडी को दो सप्ताह में 50 लाख रुपये अदा करने का भी निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि स्टेडियम में तय नियमों के तहत खाना नहीं बनाया जाएगा और बाहर से बना हुआ खाना ही सर्व किया जाएगा।
इसके अलावा डीडीसीए को फायर सर्विस व सहायक इलेक्ट्रिक निरीक्षक से अनापत्ति पत्र लेकर साउथ एमसीडी में जमा करवाना होगा। खंडपीठ ने साउथ एमसीडी को निर्देश दिया कि वह बृहस्पतिवार को डीडीसीए को एक से 10 दिसंबर तक होने वाले मैच के लिए प्रोविजनल सर्टिफिकेट जारी करे।
अदालत ने स्पष्ट किया कि न्यायमूर्ति मुदग्ल अपनी सहायता के लिए एक विशेषज्ञ लेखा अधिकारी की नियुक्ति करेंगे और दोनों के खर्च का भुगतान डीडीसीए करेगा।