कहते हैं कि कुछ करना हो तो बातें छोड़कर उसपर काम शुरू कर देना चाहिए। यह बात बॉलीवुड के जाने माने डीओपी रवि के यादव पर बिल्कुल सटीक बैठती है। रवि को हाल ही में एहसास पीपल्स च्वाइस अवॉर्ड में 'जी' द फिल्म नामक फिल्म के लिए साल 2020 के बेस्ट सिनेमैटोग्राफी ऑफ द ईयर के खिताब से नवाजा गया है।
रवि ने बताया वो अपनी फैमिली से बहुत इंस्पायर है उनके भाई बहन से मोटिवेशन मिलता है और आज मैं जो भी हूं और जो कर रहा हूं अपनी फैमिली के सपोर्ट से कर रहा हूं। रवि ने साल 2010 में टेलीविजन जगत से बतौर सहायक सिनेमैटोग्राफर अपने करियर की शुरूआत की थी।
उन्होंने सुदेश कोटियान और सुनील विश्वकर्मा जैसे जाने माने सिनेमैटोग्राफरों के साथ प्रसिद्ध शो में काम किया है। जैसे दीया और बाती हम,दहलीज , तुम्हीं हो बंधु सखा तुम्हीं में काम करके उन्होंने इस कला के गुर सीखे।
18 साल की उम्र से ही रवि बॉलीवुड से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कैमरे के पीछे अलग-अलग भूमिका में कई हिट फिल्मों में भी काम किया है। इसमें प्रिटी जिंटा और सनी देओल की फिल्म 'भईयाजी', करण देओल की फिल्म 'पल-पल दिल के पास' और सोनी टीवी का चर्चित शो पोरस भी शामिल है।
बतौर सिनेमैटोग्राफर उन्होंने अपने करियर की शुरूआत ईशा कोप्पिकर की वेब सिरीज 'लवली दा ढाबा' से की थी, जिसके बाद से अपने हुनर के बलबूते उन्होंने कई आयाम कायम किए।
अभिमन्यु सिंह, चिराग जानी और अन्वेशी जैन स्टारर फिल्म 'जी द फिल्म', द लव बाइट, खुशफहमियां और रीसरेक्शन जागो और जियो जैसे प्रोजेक्ट्स ने रवि को इस क्षेत्र में खूब प्रसिद्धि दी। जल्द ही रवि जी स्टूडियोज और बावेजा फिल्म्स के बैनर तले रिलीज होने वाली फिल्म 'जिन्ने जम्मे सारे निकम्मे' के लिए काम करते नजर आएंगे।
इसके साथ ही फिल्हाल रवि अभिनेता/निर्देशक पुनित इस्सार की फिल्म 'संहार द मैसैकर' के लिए भी काम कर रहे हैं। यह फिल्म महाराष्ट्र के पालघर में हुई दो साधुओं की हत्या पर आधारित है जिसे ओटीटी प्लैटफॉर्म पर रिलीज किया जाएगा।