व्यापारियों को सीलिंग से बचाने के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कोई ठोस कदम उठाने की जगह हर दिन नाटक कर रहे हैं। 13 मार्च को अपने निवास पर सर्वदलीय बैठक बुलाना भी उनका नाटक ही है। यह आरोप विधानसभा नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने लगाया है।
नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा है कि मुख्यमंत्री से जो मिलने जाए उसे हेलमेट पहनकर जाना चाहिए। मुख्य सचिव के साथ मारपीट की घटना से यही सबक मिलता है। सर्वदलीय बैठक बुलाए जाने को लेकर गुप्ता ने केजरीवाल से पांच सवाल भी पूछे है। कहा है कि दिल्ली में सीलिंग पिछले तीन महीने से जारी है।
1. केजरीवाल बताएं कि व्यापारियों को सीलिंग से राहत देने के लिए उन्होंने कौन से ठोस कदम उठाए हैं।
2. सीलिंग मामले को लेकर अभी तक सुप्रीम कोर्ट क्यों नहीं गए, मुख्यमंत्री होने के नाते क्या उनकी जिम्मेदारी नहीं हैं।
3. 351 सड़कों पर सीलिंग से राहत देने की उपराज्यपाल की मंजूरी के बाद अभी तक अध्यादेश क्यों नहीं निकाला।
4. फाइल क्यों दबाए बैठे हैं। मुख्यमंत्री कभी भूख हड़ताल करने, धरने पर बैठने, बैठक बुलाने की बात करते हैं लेकिन उन्होंने आज तक मॉनिटरिंग समिति से मिलकर व्यापारियों को राहत देने के बारे में कोई बात क्यों नहीं की। मॉनिटरिंग समिति के सामने जाने से क्यों डर रहे हैं।
5. जनवरी 2018 में उन्होंने मुख्यमंत्री आवास पर बातचीत करने गए नेता प्रतिपक्ष पर गुंडों से हमला क्यों करवाया था। यदि वह सीलिंग को लेकर गंभीर होते तो नेता प्रतिपक्ष पर हमला करवाने की बजाय बातचीत कर कोई समाधान निकालते।