दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने 12वीं कक्षा के अर्थशास्त्र के पेपर को लीक करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो प्राइवेट स्कूल के शिक्षक व एक ट्यूटर शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक बाहरी दिल्ली के मदर खजानी कॉन्वेंट स्कूल से पेपर लीक हुआ था। आरोपियों ने परीक्षा शुरू होने से करीब 45 मिनट पहले अर्थशास्त्र के पेपर को व्हाट्स ऐप पर लीक कर दिया था।
मामले में स्कूल के दो शिक्षक झज्जर, हरियाणा निवासी रोहित (26) व हस्तसाल, बवाना निवासी ऋषभ (29) और कोचिंग सेंटर के ट्यूटर तौकीर (28) को गिरफ्तार किया गया है। माना जा रहा है कि पुलिस इस मामले में जल्द ही कुछ और लोगों को गिरफ्तार कर सकती है।
पेपर लीक मामले की जांच कर रही एसआईटी के प्रमुख व संयुक्त पुलिस आयुक्त आलोक कुमार ने बताया कि रविवार सुबह तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें दो स्कूली शिक्षक और एक कोचिंग सेंटर का शिक्षक शामिल है।
उन्होंने बताया कि नियम के मुताबिक स्कूल में पेपर करीब 9:45 बजे खुलता है। मगर इन दोनों शिक्षकों ने 12वीं कक्षा के अर्थशास्त्र के पेपर को करीब 9 बजे खोल लिया था।
ऋषभ के कहने पर रोहित ने पेपर को व्हाट्स ऐप पर तौकीर को भेज दिया। तौकीर ने आगे कोचिंग सेंटर में पढ़ने वाले कई छात्रों को भेज दिया। इसी कोचिंग सेंटर के एक छात्र के व्हाट्स ऐप के जरिये पुलिस कोचिंग देने वाले ट्यूटर देने वाले तौकीर तक पहुंची थी। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि जेजे कॉलोनी बवाना निवासी तौकीर ने कितने छात्रों को व्हाट्स ऐप पर पेपर भेजे थे और पेपर भेजनेे के कितने पैसे मिले थे। साथ ही इस बात की जांच की जा रही है कि तौकीर ने दोनों शिक्षकों को कितने पैसे दिए थे।
संयुक्त पुलिस आयुक्त ने बताया कि तौकीर व दोनों शिक्षक अच्छे दोस्त हैं। तौकीर बवाना स्थित इजी क्लासेस ट्यूटर सेंटर में पढ़ाता था। ऋषभ बाहरी दिल्ली में स्थित प्राइवेट स्कूल में फिजिक्स का टीचर है। रोहित इसी स्कूल में गणित का टीचर है।