राजधानी दिल्ली के चारों ओर 270 किमी लंबे आउटर रिंग रोड कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) और कुंडली-गाजियाबाद-पलवल (केजीपी) आने वाले समय में इंडस्ट्रियल कॉरिडर के रूप में उभरेंगे।
135 किमी लंबे केएमपी के आसपास आईएमटी मेवात समेत आईएमटी मानेसर का प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र सटा हुआ है। जिसमें मारुति के अलावा हीरो, होंडा, समेत सैकड़ों औद्योगिक इकाइयां हैं। केएमपी के शुरू होने से पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू एवं कश्मीर समेत कई राज्यों से सीधी सेवा जुड़ने से औद्योगिक लिहाज से इसे बेहद अहम माना जा रहा है।
उद्यमियों का मानना है कि इन पूरे सर्कल को इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तौर पर ही विकसित किया जाएगा। जिसका सीधा फायदा औद्योगिक इकाइयों को मिलेगा। एनसीआर चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष एचपी यादव का कहना है कि केएमपी के निर्माण का सबसे अधिक फायदा गुरुग्राम जिले की औद्योगिक इकाइयों को होगा। केएमपी और केजीपी के मध्य आने के चलते आउटर सर्कल में सबसे ज्यादा संपर्क यहीं से रहेगा।
उद्योग विहार चैंबर ऑफ कॉमर्स के पैटर्न रिटायर्ड कर्नल राज सिंगला के मुताबिक, आने वाले सालों में केएमपी-केजीपी पूरी तरह इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तौर पर ही विकसित होगा। केएमपी के शुरू होने से दिल्ली जाने की बजाय वाणिज्यिक वाहनों के आउटर से निकलने से डीजल की खपत में भी कमी आएगी इससे प्रोडक्शन रेट भी कम होने की उम्मीद है।