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किरन बेदी तैयार लेकिन भाजपा अभी भी मौन

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पूर्व आपीएस अधिकारी किरण बेदी पर भाजपा अभी अपने पत्ते नहीं खोल रही है। उन्हें राजनीति में प्रवेश कराने के लिए आलाकमान के फैसले का इंतजार है।
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राजनीति में आने के लिए लचीला रुख अख्तियार करने वाला किरण बेदी का ट्वीट चर्चा का विषय बना हुआ है।

बार-बार आ रहे उनके बयान से दिल्ली की राजनीति भी गरमा गई है। हालांकि, भाजपाई इसे कोरी अफवाह बता रहे हैं।

RSS नहीं चाहता किरन बेदी!

भाजपा नेताओं का कहना है कि अगर पार्टी किरण बेदी को दिल्ली का सीएम प्रोजेक्ट करती है तो कार्यकर्ताओं की नाराजगी झेलनी पड़ेगी।

विधानसभा चुनाव में कार्यकर्ता पूरे जोश के साथ अभियान में नहीं जुटेंगे। सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ भी किरण बेदी को लेकर ज्यादा संजीदा नहीं है।

प्रदेश अध्यक्ष डॉ. हर्षवर्धन ने इस संबंध में किसी भी तरह की जानकारी से इंकार किया।

किरण बेदी का ट्वीट

किरण बेदी से ट्विटर पर जब पूछा गया कि आपका फ्यूचर प्लान क्या है तो उन्होंने कहा, ‘अब मुझे राजनीति में आने पर क्षमता के हिसाब से गुरेज नहीं है।

मैं काबलियत के हिसाब से राजनीति में आने को नकार नहीं रही हूं। अब मेरा राजनीति को लेकर थोड़ा लचीला रुख है।’

किरन बेदी के इस ट्वीट के बाद एक बार फिर उनके बीजेपी में शामिल होने और दिल्ली की सीएम बनने की चर्चा जोर पकड़ने लगी है।

सबके लिए बड़ा सवाल बने हर्षवर्धन

किरण बेदी को सीएम प्रोजेक्ट करने की चर्चा भले ही गर्म है लेकिन ज्यादा उम्मीद है कि पार्टी डॉ. हर्षवर्धन को ही फिर से सीएम के रूप में पेश करे।

हर्षवर्धन को संघ का भी समर्थन हासिल है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि भाजपा आलाकमान फिलहाल इस मुद्दे पर मौन है। केंद्र में मंत्रिमंडल के गठन के बाद ही दिल्ली की राजनीति पर चर्चा होगी।

इस संबंध में डॉ. हर्षवर्धन कहते हैं कि उन्होंने अपने लिए कोई भी निर्णय नहीं लिया। पार्टी का जो भी आदेश होगा, वो उसे मानेंगे।
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फेरबदल की कवायद शुरू

प्रदेश अध्यक्ष डॉ. हर्षवर्धन का सांसद चुना जाना और मंत्रिमंडल में जाने की संभावनाओं को लेकर प्रदेश संगठन स्तर पर बदलाव को लेकर कवायद शुरू हो गई है। प्रदेश अध्यक्ष और विधायक दल के नेता पर रायशुमारी भी की जा रही है।

भाजपा सूत्रों का कहना है कि अगर डॉ. हर्षवर्धन मोदी कैबिनेट का हिस्सा बनते हैं तो उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी छोड़नी पड़ेगी। प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर पार्टी में मंथन चल रहा है।

सूत्रों का कहना है कि इस दौड़ में पश्चिमी दिल्ली के सांसद प्रवेश वर्मा भी शामिल हैं। साथ ही पार्टी सतीश उपाध्याय, आलोक कुमार, आशीष सूद के नाम पर भी चर्चा कर रही है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि भाजपा के वरिष्ठ नेता व विधायक प्रो. जगदीश मुखी को मौका मिल सकता है।
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