हिंदूराव के बाद अब राजधानी का कस्तूरबा अस्पताल सुर्खियों में है। एक दिन पहले यहां डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक मरीज के परिजनों ने काफी हंगामा किया है। घटना की जानकारी के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों से शिकायत ली।
बताया जा रहा है कि शिकायत के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इसके बाद जब उच्च अधिकारियों से शिकायत की गई तो आनन फानन में शनिवार को दिल्ली पुलिस अस्पताल पहुंची और पीड़िता के बयान दर्ज किए। बहरहाल, इस मामले में अस्पताल प्रबंधन की ओर से संपर्क करने पर भी जवाब नहीं मिला।
कलां महल के मोहल्ला मजार वाली गली निवासी वरीशा को दो नवंबर कस्तूरबा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजन अरशद ने बताया कि प्रसव पीड़ा अत्यधिक होने की वजह से मरीज को तत्काल रात में भर्ती किया था।
लेकिन डॉक्टरों ने 24 घंटे बाद मरीज का ऑपरेशन करना शुरू किया। शुक्रवार देर रात ऑपरेशन पूरा हुआ तो पता चला कि भ्रूण गर्भ में ही मर चुका था। डॉक्टरों ने कहा कि जच्चा की हालत गंभीर है।