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मणिपुरी संगीतकार की हत्या: शोर पर थी आपत्ति, 'सबक सिखाना' चाहते थे आरोपी, लेकिन हमले में हो गई मौत

Thu, 10 Sep 2026 01:02 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली

सार

आरोपी ने पूछताछ में बताया है कि वह उनके घर के बाहर हो रहे शोर पर आपत्ति जताने के कारण उन्हें पीटकर 'सबक सिखाना' चाहते थे, लेकिन उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि उनके हमले में संगीतकार की मौत हो जाएगी।
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दिल्ली में मणिपुरी संगीतकार की हत्या - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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दक्षिण-पूर्व दिल्ली के सनलाइट कॉलोनी थाना इलाके में मणिपुरी संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की हत्या मामले में नया खुलासा सामने आया है। आरोपी ने पूछताछ में बताया है कि वह उनके घर के बाहर हो रहे शोर पर आपत्ति जताने के कारण उन्हें पीटकर 'सबक सिखाना' चाहते थे, लेकिन उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि उनके हमले में संगीतकार की मौत हो जाएगी। वह मणिपुर के रॉक बैंड 'फीनिक्स' के लीड गिटारिस्ट थे

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जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि किलोकारी में उनके घर के बाहर हो रहे हंगामे पर आपत्ति जताने के बाद उन्होंने 54 वर्षीय संगीतकार पर घूंसे और लात-घूंसों से हमला किया। मृतक सिंह ने कुछ मौकों पर पास के ढाबे के मालिक से वहां जमा होने वाले लोगों के कारण होने वाले शोर की शिकायत की थी। हालांकि, पुलिस को शोर के संबंध में सिंह से कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली थी।

उन्होंने बताया कि ढाबा आधी रात तक खुला रहता था और वहां आस-पास के इलाकों के साथ-साथ आस-पास रहने वाले छात्र भी ग्राहक के तौर पर आते थे। पुलिस ने कहा कि वे मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं, जिसमें यह भी शामिल है कि क्या इसमें कोई नस्लीय पहलू था। पुलिस सूत्र ने बताया कि अब तक की जांच में बहस के दौरान सिंह के खिलाफ नस्लीय टिप्पणी किए जाने का कोई मामला सामने नहीं आया है। सिंह के बेटे की शिकायत पर सनलाइट कॉलोनी पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(2) (हत्या) का उल्लेख है, जो इस प्रावधान के तहत आने वाली परिस्थितियों में सामूहिक हत्या से संबंधित है। पुलिस सिंह को लगी चोटों की सही प्रकृति का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि उन्हें अंदरूनी चोटें आईं, जिसके कारण उनकी मौत हो गई।
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यह घटना रविवार रात करीब 11:30 बजे हुई, जब सिंह अपने घर के बाहर हंगामा सुनकर नीचे गए। शिकायत के अनुसार, जब उनके बेटे ने अपने पिता को चिल्लाते हुए सुना, तो उसने दरवाजा खोला और देखा कि कुछ लोगों उन्हें लात और घूंसे मार रहे थे। पुलिस ने बताया कि इसके बाद सिंह ऊपर लौट आए, लेकिन उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई और उनके 20 वर्षीय बेटे याइफाबा उन्हें होली फैमिली अस्पताल ले गए। अगले दिन सुबह करीब 6 बजे चोटों के कारण उनकी मौत हो गई।

संगीतकार के परिवार ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने पहले भी उन्हें घर के बाहर होने वाले शोर पर आपत्ति जताने को लेकर धमकी दी थी। पुलिस ने बताया कि इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है और एक नाबालिग को पकड़ा गया है। आरोपियों की पहचान भरत कुमार (19), प्रमोद (26), रमज़ान खान (22), दीपांशु (21), मोहन विश्वकर्मा (32), विजय (36) और मन्नू (26) के तौर पर हुई है।

पुलिस ढाबा मालिक और उसके कामकाज की भी जांच कर रही है। सूत्रों ने बताया कि अभी तक ढाबे के कामकाज में कोई गड़बड़ी सामने नहीं आई है, लेकिन जांच के दौरान अगर कुछ पता चलता है तो मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस घटनाक्रम और हमले की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है और गवाहों से पूछताछ कर रही है। दो दशकों से ज्यादा समय से किलोकारी में रह रहे संगीतकार सिंह एक जाने-माने संगीतकार और गिटारिस्ट थे। वे 1980 के दशक की शुरुआत में मणिपुर के रॉक बैंड 'फीनिक्स' के लीड गिटारिस्ट थे और बाद में दिल्ली में संगीत शिक्षक और कलाकार के तौर पर काम किया।

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