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किडनी और लीवर के मरीज हैं तो धूप में निकलने से पहले ध्यान रखें ये बातें

Tue, 04 Apr 2017 10:04 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  1. कुछ घरलू नुस्‍खे अपना लें तो बच सकते हैं हीट स्ट्रोक से 
  2. इमली और नीबू होते हैं हीट स्ट्रोक में सबसे ज्यादा फायदेमंद 
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heat stroke - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पिछले कुछ दिनों से तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे मौसम में उन लोगों को दिक्कत बढ़ जाती है जो पहले से किडनी और लिवर संबंधी बीमारी से पीड़ित हैं।
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तेज धूप की वजह से पसीना ज्यादा बहता है जिससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है, इससे गुर्दे में पथरी होने की संभावना बढ़ जाती है। इस मौसम में आंखों में संक्रमण का भी खतरा रहता है। 

वैंकटेश्वर अस्पताल के इंटरनल मेडिसिन की सीनियर कंसलटेंट डॉ. चारू गोयल सचदेवा ने बताया कि अधिक गर्मी से शरीर में तापमान को नियंत्रित करने वाले सिस्टम के फेल होने का खतरा रहता है। 
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पानी की कमी होने से यूरिन कम मात्रा में निकलता है

heat stroke - फोटो : अमर उजाला
शरीर में पानी की कमी होने से यूरिन कम मात्रा में निकलता है और यूरिन का रंग भी पीला होने लगता है। इसकी वजह से गुर्दे की पथरी होने का खतरा रहता है। उन्होंने बताया कि हेपेटाइटिस मरीजों के लिए भी अधिक तापमान खतरनाक होता है। 

दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. जेएस भल्ला ने कहा कि उमस एवं तेज धूप की वजह से आंखों में कंजेक्टिवाइटिस का गंभीर खतरा रहता है। इस मौसम में आंखों को धूप और तेज रोशनी चुभती है।

दिल्ली नगर निगम स्वास्थ्य सेवाओं में कार्यरत डॉ. अजय कुमार ने बताया कि यदि तुरंत इलाज न मिले तो हीट स्ट्रोक यानी लू जानलेवा भी हो सकता है। 

सूर्य की रोशनी में रहने से शरीर का तापक्रम 37 डिग्री सेल्सियस से  अधिक हो जाता है

heat stroke - फोटो : अमर उजाला
तेज धूप या अधिक तापमान में काफी देर तक सूर्य की रोशनी के संपर्क में रहने से शरीर का तापक्रम 37 डिग्री सेल्सियस से  अधिक हो जाता है।  शरीर का तापमान  40 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा हो जाए तो यह जानलेवा भी हो सकता है। 

लू लगने के शुरुआती लक्षण
तेज सिरदर्द, सांस तेजी से लेना, दिल की धड़कन तेज होना, त्वचा लाल हो जाना, चक्कर आना, उल्टी, काफी पसीना आना जैसे लक्षण जब दिखने लगे तो समझ जाइए कि यह हीट स्ट्रोक या लू का अटैक है। हीट स्ट्रोक या लू लगने के बाद मरीज को तुरंत चिकित्सकों से संपर्क करना चाहिए। 
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हीट स्ट्रोक में कारगर, इनसे मिल सकता आराम

heat stroke - फोटो : अमर उजाला
हीट स्ट्रोक का सबसे कारगर और असरदार घरेलू इलाज है प्याज। आयुर्वेद में यह सबसे ज्यादा आजमाया हुआ नुस्ख़ा है। कच्चे प्याज के रस को कान के नीचे और छाती पर लगाने से शरीर का तापमान कम होता है। कच्चे प्याज के जूस में जीरा पाउडर और शहद की बूंद डालकर पीना भी काफी फायदेमंद     होता है। 

कच्चे आम का जूस लू से बचाव में बेहद कारगर है। कच्चे आम को उबाल कर या पका कर उसका गूदा निकाल लिया जाता है और फिर पानी के साथ गुड़, सौंफ, पुदीना और जीरा मिला कर पीएं। आम का जूस शरीर का तापमान भी कम करता है और काफी ठंडक पहुंचाता है। 

इमली भी हीट स्ट्रोक में फायदा मिलता है। इमली में इलेक्ट्रोलाइट्स और मिनरल्स की मात्रा काफी होती है। गर्मी में यह शरीर में इलेकट्रोलाइट्स की कमी को दूर करता है। नींबू पानी भी बेहद कारगर है। नींबू में विटामिन सी और इलेक्ट्रोलाइट्स पाए जाते हैं जो हीट स्ट्रोक्स से बचाते हैं।
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