दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस ने दिल्ली से अपहृत आठ वर्षीय बच्चे को झारखंड से सकुशल मुक्त कराकर अपहरणकर्ता को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने व्यवसाय में हुए घाटे को पूरा करने के लिए बच्चे का अपहरण किया था 10 दस लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। आरोपी ने खुलासा किया है कि अगर पुलिस बच्चे को मुक्त नहीं कराती तो वह फिरौती की रकम वसूलकर बच्चे की हत्या कर देता।
पुलिस के मुताबिक संगम विहार निवासी अशोकराम ने 28 फरवरी को संगम विहार थाना पुलिस को शिकायत दी थी कि दोपहर करीब तीन बजे किसी ने उसके बेटे नितिन उर्फ नीरज (8) का घर के बाहर से अपहरण कर लिया। अपहरणकर्ता बच्चे को छोड़ने के एवज में 10 लाख रुपये की फिरौती मांग रहा था। मामला दर्जकर पुलिस टीम बनाई गई। तफ्तीश में पुलिस को कोडरमा झारखंड निवासी मनोहर राम पर संदेह हुआ। पुलिस टीमें झारखंड के लिए रवाना हो गईं। आखिरकार पुलिस ने कोडरमा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-तीन से मनोहर राम (26) को गिरफ्तार कर बच्चे को सकुशल मुक्त करा लिया।
मनोहर ने बताया कि वह चार वर्ष पहले दिल्ली आया था और कपडे़ बेचने का काम शुरू किया। व्यवसाय में उसे बड़ा घाटा हो गया। ऐसे में उसे पैसे की जरूरत थी। वह संगम विहार में रहने वाले साले सन्नी के घर आता-जाता था। सन्नी अशोकराम के बेटे को ट्यूशन पढ़ाता था। इस कारण मनोहर का अशोक के घर आना-जाना हो गया था। एक बार मनोहर ने अशोकराम को एक लाख रुपये के साथ देख लिया था। ऐसे में उसको लगा कि वह बच्चे का अपहरण कर आसानी से पैसे कमा सकता है।