वारदात वाली जगह से हापुड़ रेलवे स्टेशन महज 50 मीटर दूर था। बदमाशों के चुंगल से निकलकर वंश सीधा स्टेशन पर पहुंच गया। उसी समय दिल्ली को जाने वाली ट्रेन भी आ गई। बदमाशों को पीछे आता देख वह ट्रेन में चढ़ गया।
बदमाश भी उसका पीछा करते हुए ट्रेन के दूसरे कोच में चढ़ गए। मासूम बदमाशों की नजर से बचने के लिए सीट के पीछे छिप गया। ट्रेन के दिल्ली रुकते ही वह वहां उतर गया और डरा सहमा स्टेशन पर घूमता रहा।
हापुड़ से दिल्ली, दिल्ली से पहुंचा दादरी
दिल्ली रेलवे स्टेशन पर वंश यात्रियों से पूछ कर टीएडी लोकल पैसेंजर में चढ़ गया। मारीपत रेलवे स्टेशन के समीप अन्य यात्रियों से उसने हापुड़ जाने के बारे में पूछा। एक यात्री ने उसे अगले स्टेशन यानी दादरी रेलवे स्टेशन पर उतरने के लिए कहा। वंश ने ऐसा ही किया।
रेलवे पुलिस ने की मदद
मासूम की शर्ट फटी हुई थी। उसे बदहवास हालत में देख रेलवे पुलिस ने उसका नाम पूछा। इस पर छात्र रो पड़ा और पूरी घटना आरपीएफ कर्मियों को बताई। इसके बाद रेलवे पुलिस ने छात्र के परिजन और हापुड़ पुलिस को घटना की सूचना दी।
जानकारी मिलते ही वंश के परिजन दादरी रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। इस बारे में आरपीएफ निरीक्षक योगेश कुमार का कहना है कि छात्र ने अपनी हिम्मत से अपहरण नहीं होने दिया। उसको सकुशल परिजनों को सौंप दिया गया है।