‘आईएसआईएस’ के स्टाइल में विजय नगर निवासी कौशल (23) का 69 दिन पहले सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर अपहरण कर लिया गया। अपहरण का वीडियो मेमोरी कार्ड में पार्सल के जरिए कौशल के घर भेजा है और उसे रिहा करने की एवज में परिजनों से 30 लाख की फिरौती मांगी है।
हालांकि पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने एक अपहरणकर्ता को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन कौशल नहीं मिला। मूलरूप से अलीगढ़ के पिसावा गांव निवासी ओमप्रकाश सिंह विजय नगर स्थित एफ-ब्लॉक में रहते हैं। उनका बेटा कौशल रेलवे में संविदा पर डीजल ऑपरेटर है।
24 अक्टूबर को दोपहर डेढ़ बजे वह घर से दिल्ली ड्यूटी पर गया था। बिहार गरीबरथ एक्सप्रेस में ड्यूटी के दौरान वह 25 अक्टूबर को बिहार पहुंचा। विजय नगर निवासी कौशल (23) का 69 दिन पहले सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर अपहरण कर लिया गया। अपहरण का वीडियो मेमोरी कार्ड में पार्सल के जरिए कौशल के घर भेजा है और उसे रिहा करने की एवज में परिजनों से 30 लाख की फिरौती मांगी है।
हालांकि पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने एक अपहरणकर्ता को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन कौशल नहीं मिला। मूलरूप से अलीगढ़ के पिसावा गांव निवासी ओमप्रकाश सिंह विजय नगर स्थित एफ-ब्लॉक में रहते हैं। उनका बेटा कौशल रेलवे में संविदा पर डीजल ऑपरेटर है।
24 अक्टूबर को दोपहर डेढ़ बजे वह घर से दिल्ली ड्यूटी पर गया था। बिहार गरीबरथ एक्सप्रेस में ड्यूटी के दौरान वह 25 अक्टूबर को बिहार पहुंचा।
वह 30 अक्टूबर तक घर नहीं पहुंचा
तीन दिन वहां दोस्त रंजीत सिंह के साथ राजेंद्रनगर में रहा। 29 अक्टूबर की सुबह परिजनों से फोन कर उसने ट्रेन में बैठने की बात कही थी। लेकिन वह 30 अक्टूबर तक घर नहीं पहुंचा। मोबाइल भी स्विच ऑफ मिला।
उसके दोस्त ने भी बताया कि कौशल जा चुका है। 2 नवंबर को अलीगढ़ में कौशल के पड़ोसी पप्पू के पास बदमाशों ने फोन कर उसके एक्सीडेंट होने की सूचना दी। बताया कि वह कोलकाता में है। पप्पू की सूचना पर कौशल के पिता ने कॉल की तो बदमाशों ने उसे रिहा करने के लिए 30 लाख रुपये मांगे।
उन्होंने परिजनों से कौशल की बात नहीं कराई। परिजनों ने विजय नगर पुलिस और एसएसपी धर्मेंद्र सिंह से शिकायत की। आरोप है कि गाजियाबाद पुलिस ने एक्शन नहीं लिया। परिजनों ने बिहार पत्रकार कालोनी में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई।
कौशल के घर भेजा वीडियो और लेटर
बदमाशों ने 23 नवंबर को एक पार्सल में कौशल का वीडियो, धमकी भरा लेटर और कौशल की फोटो विजय नगर स्थित घर भेजी थी। वीडियो में कौशल ने परिजनों से हाथ जोड़कर कह रहा है कि उसे छुड़ा लें, वरना वे उसे जिंदा नहीं छोडे़ंगे। बदमाशों ने कौशल का बैंक अकाउंट बंद न कराने और मोबाइल रिचार्ज कराते रहने की धमकी दी थी।
बदमाशों के कहने पर परिजनों ने कौशल के खाते में 60 हजार रुपये की रकम जमा कराई थी। इस दौरान पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने कलकत्ता के एक एटीएम से कौशल के खाते से रकम निकालते वक्त अपहरणकर्ता मनोज महतो को दिसंबर माह में गिरफ्तार कर लिया।
उसके अन्य साथी कौशल को लेकर वहां से भाग गए। इसके बाद बदमाशों ने फिरौती मांगनी भी बंद कर दी हैं। मनोज महतो को रिमांड पर लेकर बिहार पुलिस कौशल की तलाश कर रही है। पुलिस का दावा है कि सभी बदमाश नवादा बिहार के रहने वाले हैं।
परिजन बोले, ‘कौशल को ढूंढ लाओ’
कौशल को छुड़ाने के लिए परिजनों ने मकान बेचने की ठान ली थी। मकान का सौदा 25 लाख रुपये में तय कर लिया था। पड़ोसियों को मामले का पता चला तो उन्होंने रोक दिया था।
कौशल प्रताप विहार में पिता ओमप्रकाश, मां राजरानी, भाई आशीष, आकाश और योगेश के साथ रहता है। योगेश 10वीं में पढ़ता है, आशीष ग्रेजुएशन का छात्र है। आकाश आईआईटी की तैयारी कर रहा है। पिता प्राइवेट कंपनी से रिटायर्ड हैं।
जो भी उनके घर जाता है, गमजदा परिजन सभी से एक ही गुहार लगाते हैं कि कौशल को ढूंढ लाओ। उसकी तलाश में पिता ओमप्रकाश बिहार गए हुए हैं।