दिल्ली पुलिसकर्मी बनकर मुनिरका से एक व्यक्ति का अपहरण कर उसे कार में बंधक बनाने का मामला सामने आया है। आरोपी करीब 45 मिनट तक पीड़ित जोशुआ हमार को इधर-उधर घुमाते रहे। आरोपी उससे मोटी रकम ऐंठना चाहते थे।
किशनगढ़ थाना पुलिस ने वारदात को कुछ ही घंटों में सुलझाते हुए पांच आरोपियों परवेश, आर्यमन चौधरी, रितिक गौहर, देव आनंद यादव और शरमन राय को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से ग्रैंड विटारा व दिल्ली पुलिस का लोगो लगी टी-शर्ट बरामद कर ली गई है। आरोपियों ने ये टी-शर्ट वारदात के समय पहन रखी थी।
दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि मुनिरका, नई दिल्ली निवासी जोशुआ हमार (30) ने 16 जून को किशनगढ़ थाना पुलिस को शिकायत दी थी। उसमें बताया था कि 15/16 जून की मध्य रात्रि को लगभग 1.20 से 1.40 बजे के बीच शिवम मेडिकोज, फक्कर वाला पार्क, मुनिरका पास से 4 व्यक्तियों ने उसका अपहरण कर लिया।
आरोपी उसे कार में घुमाते रहे। आरोपियों ने खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताकर उनसे जबरन पैसे ऐंठने का प्रयास किया। शिकायतकर्ता किसी तरह आरोपियों के चुंगल से मुक्त होकर भागने में सफल रहा। मामला दर्जकर पुलिस टीम ने जांच शुरू की।
कई सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा करने के बाद कथित अपहरण में शामिल कार ग्रैंड विटारा की पहचान की गई। उसके बाद कार मालिक सफदरजंग एन्क्लेव, नई दिल्ली निवासी परवेश (25) को गिरफ्तार कर लिया गया। उसने बताया कि घटना के समय वह कार चला रहा था और उसके दोस्तों ने पीडि़त का अपहरण कर पैसे ऐंठने की कोशिश की।
उसकी निशानदेही पर बाकी आरोपी आरके पुरम निवासी आर्यमन चौधरी (22), एसजे एन्क्लेव निवासी रितिक गौहर निवासी (23), आरके पुरम निवासी देव आनंद यादव (23) और बीके दत्त कॉलोनी शर्मन राय (22) को गिरफ्तार कर लिया।
मूलरूप से गांव बिलपुर, जिला जयपुर, राजस्थान के रहने वाला आरोपी परवेश एक प्रॉपर्टी डीलर है। गांव ज्वालाजी जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश का रहने वाला आरोपी आर्यमन चौधरी स्नातक डिग्री होल्डर है।
गांव भट्टा, जिला झांसी, यूपी निवासी ऋतिक गौहर एक फ्रीलांसर के रूप में काम करता है। जिला अलवर, राजस्थान निवासी आरोपी देव आनंद यादव भी स्नातक है। गांव भोरन चनाल्टी, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश का रहने वाला आरोपी शरमन राय निवासी स्नातक है।