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सीए के छात्र की फिरौती के लिए अगवा कर हत्या, पुलिस ने लावारिस मानकर किया अंतिम संस्कार

Sun, 16 Jun 2019 05:50 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मृतक चंदन (बाई ओर), आरोपी अंकित (दाई ओर) - फोटो : अमर उजाला
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शकरपुर इलाके में सीए के छात्र की फिरौती के लिए अगवा कर हत्या का मामला सामने आया है। हत्या के करीब एक माह बाद दिल्ली पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा कर छात्र की कैब के चालक अंकित को शुक्रवार को गिरफ्तार किया है। अंकित ने अपने दोस्त श्याम उर्फ इंदरजीत के साथ मिलकर 15 मई को चंदन झा (28) को अगवा कर लिया था। परिवार से 1.62 लाख रुपये फिरौती वसूलने के बाद उन्होंने चंदन की हत्या कर शव ग्रेनो के ईकोटेक-3 थाना क्षेत्र में फेंक दिया। यूपी पुलिस ने पहचान नहीं होने पर शव का लावारिस में अंतिम संस्कार कर दिया। चंदन की ओला में लगाई स्विफ्ट डिजायर कार मुरादनगर से बरामद हो गई है।

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पुलिस के मुताबिक मूल रूप से मधुबनी बिहार निवासी चंदन स्कूल ब्लॉक, शकरपुर में किराए के मकान में रहता था। इसके परिवार में पिता आनंद मोहन झा, मां रेणु और दो शादीशुदा बहनें कविता व किरण हैं। चंदन दिल्ली में रहकर सीए की पढ़ाई कर रहा था। अपना खर्च चलाने के लिए वह कंप्यूटर के अलावा अकाउंट्स का काम करता था। अतिरिक्त कमाई के लिए चंदन ने एक स्विफ्ट डिजायर कार खरीदकर ओला व उबर में लगाई हुई थी। कार को उसका चालक अंकित और अन्य चलाते थे। गत 15 मई को चंदन ने अंकित को उसकी सैलरी का चेक देने के लिए घर बुलाया था। इसके बाद वह गायब हो गया। 16 मई को अचानक चंदन की मां रेणु, बाद में उसके दोस्त अखिलेश मिश्रा और अंत में जीजा हरिनंदन के पास फिरौती की कॉल चंदन से उसके ही मोबाइल से कराई गई। चंदन ने कहा कि रुपये न देने पर बदमाश उसे मारने की धमकी दे रहे हैं। चंदन के जीजा ने उसके खाते में 1.62 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद चंदन का मोबाइल बंद हो गया। आरोपियों ने उसके खाते से रुपये निकाल लिये।

इधर, चंदन की बहन कविता ने शकरपुर थाने में उसके अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने चंदन की कॉल डिटेल खंगाली तो अंकित पर शक हुआ। हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो वह टूट गया। उसने बताया कि उसने अपने दोस्त श्याम के साथ मिलकर चंदन की हत्या कर दी थी। शव को 18 मई को कैब में डालकर वे ग्रेटर नोएडा ले गए और फेंक दिया। ईकोटेक-3 थाना पुलिस को शव बरामद किया और पहचान न होने पर यूपी पुलिस ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। आरोपियों ने चंदन की कैब को गंगनगर के पास मुरादनगर में ठिकाने लगा दिया।
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दीवान में बंधक बनाकर रखा गया

अंकित ने बताया कि 15 मई को वेतन का पांच हजार रुपये का चेक देने के बाद चंदन ने अंकित से उसे गाजीपुर इलाके में छोड़ने के लिए कहा। अंकित पार्टी करने की बात कहकर चंदन को भोवापुर गांव, कौशांबी में अपने एक दोस्त के फ्लैट पर ले गया। वहां श्याम, अंकित व चंदन ने पार्टी की। इसी दौरान दोनों ने चंदन को बंधक बनाकर पीटना शुरू कर दिया और बाद में उसे एक बैड में बंद कर दिया। उन्होंने चंदन से कहा कि वह अपने घर या दोस्त को कॉल कर रुपयों की मांग करे। रुपये मिलने के बाद वह उसे छोड़ देंगे। चंदन ने अपनी मां, जीजा और दोस्त को कॉल की। जीजा हरिनंदन ने 1.62 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए तो रात को आरोपियों ने उसे छोड़ने की बात कही। अलग-अलग खातों से रुपये निकालने के बाद 18 मई की सुबह आरोपी उसे कैब में बिठाकर किसी काम से चलने की बात कह लेकर निकल गए। अंकित कैब चलाने लगा, जबकि चंदन उसके बराबर वाली सीट पर बैठा। रास्ते में श्याम ने पीछे से उसका गला घोंटकर शव को ग्रेटर नोएडा के दुजाना गांव के पास फेंक दिया। बाद में उसकी कैब मुरादनगर के पास लावारिस छोड़कर वे दिल्ली आ गए।

 

चंदन के मोबाइल से ही कराईं कॉल

अंकित और श्याम ने आदी मुजरिमों की तरह वारदात की। उन्होंने फिरौती की कॉल खुद चंदन से और उसके मोबाइल से ही कराई। आरोपियों ने चंदन के एटीएम कार्ड से कैश निकाला तो आरोपी उसका मोबाइल ऑन कर साथ ले गए। जब उसकी कार को ठिकाने लगाया गया, तब भी चंदन का मोबाइल साथ लेकर गए। ऐसा करने से पुलिस को जांच में काफी परेशानी हुई। शुरू में पुलिस को लगा कि कहीं चंदन ने ही तो रुपये ऐंठने के लिए सारी साजिश नहीं रची। काफी लंबी जांच के बाद पुलिस को अंकित पर शक हुआ।

 

शर्ट से पकड़ा गया अंकित

मामले की जांच के दौरान पुलिस उस एटीएम तक पहुंच गई, जहां से चंदन के एटीएम कार्ड से कैश निकाला गया था। सीसीटीवी फुटेज की जांच में पुलिस को एक नकाबपोश रुपये निकालते हुए दिखा। उसने हाथ में अंगूठी और कड़ा पहना हुआ था। इधर, पुलिस ने चंदन के कमरे में छानबीन की तो चंदन के साथ उसके चालक अंकित का एक फोटो मिला। इस फोटो में अंकित ने वही शर्ट पहनी हुई थी, जो एटीएम से कैश निकालने वाले आरोपी ने पहनी थी। सीडीआर ने भी इसकी पुष्टि कर दी। पुलिस ने अंकित से पूछताछ की तो वह टूट गया ओर अपराध कबूल कर लिया।

 
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जानवरों ने नोंच लिया था शव

इस संबंध में ईकोटेक-3 थाना प्रभारी अनिता चौहान ने बताया कि शव लोकसभा के लिए मतदान के बाद 24-25 मई को एकांत स्थान से सड़ी-गली हालत में बरामद हुआ था। शव जानवरों ने नोंच रखा था। उसके पास से ऐसा कोई सामान बरामद नहीं हुआ, जिससे पहचान हो सके। इस कारण नियमानुसार 72 घंटे बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। दिल्ली पुलिस थाने आई थी और मौके पर भी गई थी। उन्हें शव के कपड़े सुपुर्द कर दिए हैं।
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