अपने 50वें जन्मदिन पर सलमान खान ने एक नई शुरूआत की थी जो दिल्ली के खान मार्केट के व्यापारियों को रास नहीं आ रही और इसलिए वो उनके खिलाफ केस कर सकते हैं।
जी हां, सलमान खान ने अपने बर्थ-डे(27 दिसंबर) पर फैन्स के लिए ऑनलाइन शॉपिंग पोर्टल शुरू किया है। इसे khanmarketonline.com नाम दिया गया है। हालांकि ये बता दें कि सलमान का ये पोर्टल अभी मात्र रजिस्ट्रेशन के लिए खुला है।
अब यही नाम सलमान के लिए मुसीबत बन सकता है और उन्हें एक नए कोर्ट केस में फंसा सकता है। क्योंकि सलमान के पोर्टल का नाम और दिल्ली के मशहूर खान मार्केट का नाम मिलता-जुलता है और यही बात यहां के व्यापारियों को पसंद नहीं आ रही और वो इससे नाराज हैं। वे सलमान के खिलाफ केस करने की सोच रहे हैं।
क्यों नाराज हैं 65 साल पुराने खान मार्केट के व्यापारी
खान मार्केट के व्यापरियों का कहना है कि खान मार्केट एक विश्व-प्रसिद्ध बाजार है। कैसे एक एक्टर अपने पोर्टल के लिए हमारा नाम इस्तेमाल कर सकता है। उनका कहना है कि अगर वो अपने पोर्टल पर डिस्काउंट की घोषणा करेंगे तो लोग यहां आकर हमसे भी वही मांग कर सकते हैं।
व्यापारियों ने कहा कि लोगों का कंफ्यूज होना लाजमी है। मार्केट के एसोसिएट अध्यक्ष संजीव मेहरा का कहना है कि व्यापारी हाईकोर्ट खुलने के बाद 4 जनवरी को वहां अपील करेंगे।
बता दें कि 65 साल पुराने इस बाजार में 150 दुकानें हैं और 35 रेस्रां हैं। इसके साथ ही इस मार्केट की खासियत ये भी है कि हाल के ही रियल एस्टेट सर्वे में इसे दुनिया के सबसे महंगे फुटकर बाजारों में 21वां स्थान मिला था और देश में तो ये सबसे महंगा फुटकर बाजार है।
ये है वकीलों की राय
सुप्रीम कोर्ट के वकील संजय उपाध्याय का इस विषय में कहना है कि, इस मामले में ट्रेडमार्क का कोई केस नहीं बनता। देश में हजारों खान मार्केट होंगे। अगर इस बारे में सलमान के खिलाफ केस होता भी है, तो वह खारिज ही हो जाएगा।
वहीं ट्रेड एसोसिएशन के प्रेसिडेंट मेहरा दावा करते हैं, चूंकि लंबे वक्त से खान मार्केट यही इलाका कहलाता है, इसलिए इस नाम पर हमारा पूरा हक है। बेंगलुरु के लीगल रिसर्चर लॉरेंस लियांग के मुताबिक, जो ट्रेडमार्क रजिस्टर्ड नहीं हैं, उन्हें प्रोटेक्ट करने के लिए कुछ प्रोविजन हैं।
दिक्कत यह है कि इस केस में सलमान और खान मार्केट एक ही तरह के बिजनेस में कॉम्पीटिटर नहीं हैं। लिहाजा, एकदूसरे की वजह से उनके बिजनेस पर असर पड़ने की गुंजाइश नहीं है। एडवोकेट अशोक अग्रवाल का कहना है कि यह मार्केट और पोर्टल, दोनों की तरफ से पब्लिसिटी स्टंट है।