दिल्ली में सियासी जमीन बना लेने के बाद आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेता लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय स्तर पर प्रचार अभियान का हिस्सा रहेंगे।
दिल्ली में प्रचार का जिम्मा स्थानीय प्रत्याशियों पर रहेगा। पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल भी प्रत्याशियों की मदद के लिए ही अब दिल्ली में नजर आएंगे।
पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि शीर्ष नेतृत्व का अब यहां ज्यादा दखल नहीं रहेगा।
केजरीवाल ने किसे सौंपी है जिम्मेदारी?
लोकसभा चुनावों के दौरान दिल्ली में पार्टी के कैंपेन से दूर रहने वाले पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने खुद की बजाय प्रचार अभियान को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी उम्मीदवारों पर डाली है।
केंद्रीय इकाई उम्मीदवारों को मदद भर करेगी। रणनीतिकारों का मानना है कि पिछले करीब छह महीनों से दिल्ली चुनावी मोड में है।
विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी ने सघन प्रचार अभियान चलाया था। उस समय तकनीक का इस्तेमाल करने के साथ-साथ लोगों से सीधी मुलाकात भी की गई थी।
हालांकि केजरी अंदाज में ही होगा प्रचार
विधानसभा चुनावों के दौरान केजरीवाल का रोड शो गली-गली में गुजरा था। इसमें पार्टी अपना संदेश पहुंचाने में सफल रही थी।
पदाधिकारियों की मानें तो दिल्ली में सरकार बनने के बाद जिस तरह फैसले लिए गए, उससे भी पार्टी के पक्ष में लोगों का झुकाव बढ़ा है।
इसी वजह से लोकसभा चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी उम्मीदवारों पर डाली जा रही है। वरिष्ठ नेतृत्व इसमें उनकी मदद करेंगे। साथ ही हिदायत दी गई है कि वैसे ही प्रचार करें जैसे केजरीवाल ने विधानसभा चुनावों के दौरान किया था।
केजरी को किसने दी यह सलाह
वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि पार्टी अब राष्ट्रीय राजनीति में उतर रही है। लिहाजा बड़ी चुनौती देश भर में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की है। इससे वरिष्ठ नेताओं की प्राथमिकता में राष्ट्रीय प्रचार अभियान है।
इसके लिए केजरीवाल की देश भर में रैलियां होनी हैं। इस व्यस्तता के चलते केजरीवाल अब दिल्ली के लिए ज्यादा समय नहीं निकाल सकेंगे। पार्टी प्रवक्ता दिलीप पांडेय के मुताबिक, दिल्ली में पार्टी का मजबूत जनाधार है।
फिर दिल्ली के प्रत्याशियों की अपनी अलग पहचान भी है। फिर भी, जरूरत के अनुसार केजरीवाल दिल्ली के लिए उपलब्ध रहेंगे। हालांकि उनका ज्यादा फोकस राष्ट्रीय प्रचार अभियान पर रहेगा।