फिल्मों के शौकीन केजरीवाल एक बार फिर खुद को बॉलीवुड की एक चर्चित फिल्म देखने से रोक नहीं पाए। लेकिन इस बार उन्होंने फिल्म देखने के बाद उसका केवल रिव्यू ही नहीं किया बल्कि एक अच्छा खासा राजनीति ड्रामा क्रिएट करने की कोशिश भी कर डाली है।
रिलीज के दिन ही उड़ता पंजाब देखने के बाद केजरीवाल ने फिल्म की तारीफ करते हुए ट्वीट किया कि यह बेहद प्रभावित करने वाली फिल्म है। इसके बाद की लाइन में उन्होंने पंजाब में होने वाले इलेक्शन में अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदियों पर तीखी टिप्पणी कर दी।
केजरीवाल ने अपने ट्वीट में लिखा, 'अभी-अभी फिल्म उड़ता पंजाब देखी। बहुत ही प्रभावशाली फिल्म है। बादलों को यह फिल्म जरूर देखनी चाहिए ताकि उन्हें पता चले कि उन्होंने पंजाब का क्या हाल कर दिया है।'
Just watched UDTA Punjab. V powerful. Badals must watch it to see what they have done to Punjab.
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) June 17, 2016
'पंजाब में राजनेता चलाते हैं ड्रग्स रैकेट'
उड़ता पंजाब
केजरीवाल ने शनिवार सुबह भी फिल्म उड़ता पंजाब को लेकर ट्वीट किया और लिखा कि, 'मैंने उड़ता पंजाब देखी। यह फिल्म दिखाती है कि राजनेता ही ड्रग रैकेट चलाते हैं और चुनाव के दौरान तो ड्रग्स धड़ल्ले से बांटी जाती है। पंजाब की हालत काफी खराब हो चुकी।'
रिलीज से पहले ही सेंसर बोर्ड द्वारा सुझाए गए कट्स को लेकर जिस तरह यह फिल्म चर्चा में आई, उससे अकाली दल व भाजपा हर किसी के निशाने पर हैं। इस फिल्म से विवाद तब जुड़ा, जब फिल्म का ट्रेलर पास करने के बावजूद रिलीज के कुछ दिनों पहले ही सेंसर बोर्ड ने इसमें करीब 89 कट्स सुझाए और कहा कि इन कट्स के बाद ही फिल्म रिलीज हो सकती है।
यही नहीं सेंसर बोर्ड ने फिल्म के नाम उड़ता पंजाब से 'पंजाब' हटाने को भी कहा था। फिल्म निर्माताओं ने सेंसर बोर्ड के इस फैसले के खिलाफ बांबे हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जहां निर्माताओं के पक्ष में आया और कोर्ट के आदेशानुसार एक कट के साथ फिल्म रिलीज 17 तारीख को रिलीज की गई।
रिलीज से ठीक दो दिन पहले हुई इंटरनेट पर लीक
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अदालत के फैसले के बाद भी निर्माताओं की मुश्किलें कम नहीं हुई। फिल्म के सिनेमाघरों में रिलीज से ठीक दो दिन पहले ही किसी ने सेंसर को भेजी गई कॉपी इंटरनेट पर लीक कर दी, जिसे मात्र 24 घंटे में ही करीब 70 हजार से ज्यादा बार डाउनलोड किया गया।
हालांकि फिल्म के निर्माता, निर्देशकों समेत पूरी फिल्म इंडस्ट्री के लोगों ने इंटरनेट से फिल्म डाउनलोड न करने की अपील की। इस पूरे मामले में सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष पहलाज निहलानी का रवैया बहुत ही गैरजिम्मेदाराना रहा।
इस फिल्म से पैदा हुए विवाद के बाद पूरी फिल्म इंडस्ट्री ने एक सुर में उन्हें सीबीएफसी के पद से हटाने के लिए आवाज उठाई। अब यह फिल्म रिलीज हो चुकी है और लोग ही तय करेंगे कि उन्हें यह फिल्म देखनी है या नहीं और इसे किस तरह से लेना है।