वोट के लिए राजनीति कोई नई बात नहीं है लेकिन, कुछ नेता और राजनीतिक दल खुद को इस तरह की राजनीति से अपने को अलग बताने में कोई कसर नहीं छोड़ते।
मंगलवार को अंबेडकर जयंती के मौके पर दिल्ली में हुए एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री केजरीवाल पहुंचे। यहां उपस्थित खास लोगों में देश की जानी मानी दलित नेता और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के पिता प्रभु दयाल भी उपस्थित थे।
कार्यक्रम में पहुंचने पर अरविंद केजरीवाल ने कुछ ऐसा किया जिसे देख सभी चौंक गए। केजरीवाल का यह कदम मीडिया के लिए खबर बनती इससे पहले केजरीवाल ने कुछ ऐसी घोषणाएं कर डाली जिनसे साफ था कि उन्हें एक खास वर्ग के लोगों की बेहद चिंता है। (फोटो साभार: एबीपी न्यूज)
मायावती के पिता के पैर छू लिया आर्शीवाद
मंगलवार को अरविंद केजरीवाल करोलबाग स्थित अंबेडकर हॉल पहुंचे और वहां मौजूद मायावती के पिता प्रभु दयाल के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया।
इतना ही नहीं दिल्ली विधानसभा में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 125वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आरक्षित वोट बैंक के लिए खूब वादे किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आरक्षित सीटों से चुने गए विधायकों ने कुछ मुद्दे बताए हैं। बहुत से पद आरक्षित श्रेणी के रिक्त हैं, उन्हें जल्द भरा जाएगा। एससी, एसटी और ओबीसी का प्रमाणपत्र लेना बहुत मुश्किल होता है, इसे सरल किया जाएगा।
एससी, एसटी फाइनेंस कॉरपोरेशन का होगा पुनर्गठन
एससी, एसटी फाइनेंस कॉरपोरेशन है। यहां से लोन की सुविधा दी जाती है लेकिन एक साल में सिर्फ एक आदमी को लोन की सुविधा दी गई है। इस संस्था का जनता के हिसाब पुनर्गठन किया जाएगा।
केजरीवाल ने कहा है कि सोमवार शाम को श्रम विभाग के कार्यों की समीक्षा की। श्रम विभाग भ्रष्टाचार का अड्डा है। उन्होंने अधिकारियों का आह्वान करते हुए कहा कि अगर मजदूरों के साथ नाइंसाफी हुई तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विस अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने कहा है कि दलितों केउत्थान में महत्वपूर्ण योगदान केलिए बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर को हमेशा याद किया जाएगा। कार्यक्रम में हजारी लाल चौहान समेत कुछ अन्य वक्ताओं ने विचार रखे।