भूमि अधिग्रहण के बिल पर अन्ना का आंदोलन एक बार फिर अपनी रफ्तार पकड़ सकता है। सोमवार से आंदोलन शुरू होने वाला है, ऐसे में हो सकता है दिल्ली के सीएम और अन्ना के शिष्य रहे केजरीवाल इस आंदोलन में अन्ना का साथ दें।
आप कई बार कह चुकी है कि वो अन्ना का पूरा सम्मान करते हैं और वो जैसा आदेश देंगे हम उस तरह से उनके साथ खड़े होंगे। जहां एक ओर केन्द्र भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर खुद अपने ही पाले में घिरती नजर आ रही है तो वहीं अगर केजरीवाल अन्ना का आंदोलन में साथ देते हैं तो इससे केन्द्र की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
अन्ना से केजरीवाल की इस मुलाकात को इस वजह से भी अहम माना जा रहा है क्योंकि एक टीवी इंटरव्यू में अन्ना कह चुके थे कि पिछली बार मुख्यमंत्री बनने के बाद केजरीवाल उन्हें भूल गए। इस बार केजरीवाल अन्ना को किसी भी प्रकार की शिकायत का मौका नहीं देना चाहते हैं।