आप प्रमुख ने पूछा-वाहन खराब होने पर जिम्मेदारी किसकी होगी?
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
ई-20 पेट्रोल के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी और केंद्र सरकार के बीच टकराव और तेज हो गया है। आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर लोगों पर ई-20 पेट्रोल थोपने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि ई-20 पेट्रोल के इस्तेमाल से किसी वाहन की माइलेज घटती है या इंजन एवं अन्य पुर्जों को नुकसान पहुंचता है तो इसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में केजरीवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लोगों की आशंकाओं को दूर करने के बजाय पुराने वाहनों में भी ई-20 पेट्रोल के इस्तेमाल से कोई समस्या नहीं होने का प्रचार कर रही है। उन्होंने दावा किया कि कई वाहनों के ओनर मैनुअल में 10 प्रतिशत से अधिक एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के उपयोग को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि वाहन के प्रदर्शन या माइलेज पर प्रतिकूल असर दिखाई दे तो सामान्य पेट्रोल का इस्तेमाल किया जाए। केजरीवाल ने दावा किया कि 2023 से पहले बने अधिकांश वाहन ई-20 के अनुरूप विकसित नहीं किए गए थे। उनके अनुसार देश में लगभग 22 करोड़ दोपहिया वाहन और करीब आठ करोड़ कारें ऐसी हैं, जिनके लिए ई-20 उपयुक्त नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त तैयारी के पूरे देश में ई-20 लागू करने से करोड़ों वाहन मालिकों के सामने आर्थिक जोखिम खड़ा हो सकता है।