केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दिल्ली सरकार पर हमले पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत पूरी पार्टी ने पलटवार किया है। दिल्ली की सड़कों पर वाई-फाई नेटवर्क ढूंढते- ढूंढते बैटरी खत्म होने से जुड़े बयान पर केजरीवाल ने तंज कसा कि वाई-फाई के साथ बैटरी चार्जिंग का भी इंतजाम किया है।
दिल्ली में 200 यूनिट तक बिजली मुफ्त है। दूसरी तरफ दिल्ली में बीते पांच साल में एक भी नए स्कूल न खुलने के गृहमंत्री के दावे पर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि गृहमंत्री पटपडग़ंज में एक रोड शो कर लें, वह नया स्कूल दिखा देंगे।
इससे पहले बृहस्पतिवार रात अमित शाह ने अपनी चुनावी सभाओं में दिल्ली का विकास ठप करने का आरोप आप सरकार पर लगाया था। शाह ने वाई-फाई, स्कूल, सीसीटीवी समेत अन्य सुविधाओं पर भी सवाल उठाए। शुक्रवार सुबह अमित शाह का जवाब देते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उनको खुशी है कि गृह मंत्री को कुछ सीसीटीवी दिखाई पड़े हैं।
कुछ दिन पहले उन्होंने कहा था कि यहां एक भी कैमरा नहीं लगा है। साथ ही कहा कि गृहमंत्री थोड़ा समय निकाल लें, उनको स्कूल भी दिख जाएगा। केजरीवाल ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि दिल्ली के लोगों ने राजनीति बदली है। भाजपा को दिल्ली में सीसीटीवी, वाई-फाई, स्कूल व कैमरों के नाम पर वोट मांगने पड़ रहे हैं। जबकि दूसरे प्रदेशों में गृहमंत्री धर्म व जाति के नाम पर वोट मांगते हैं।
मोबाइल की बैट्री खत्म हो जाएगी, तो देश कैसे चलेगा: सिसोदिया
उधर, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने अमित शाह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर देश के गृहमंत्री के ही मोबाइल की बैटरी खत्म हो जाएगी, तो देश कैसे चलेगा। सिसोदिया ने कहा कि अगर दिल्ली के सातों सांसदों ने काम किया होता तो गृहमंत्री को इस तरह के जुमले बोलने की जरूरत नहीं पड़ती।
सीसीटीवी कैमरों पर गृह मंत्री के हमले का जवाब देते हुए सिसोदिया ने कहा कि गृह मंत्री के पास तमाम विभाग हैं, जो उनको दिल्ली के विकास से जुड़ी खबरें पहुंचाते होंगे। फिर भी उनकी जानकारी के लिए दिल्ली में 1.5 लाख कैमरे लगाने का वादा किया था। इसकी जगह पर 2 लाख कैमरे लग गए हैं। जबकि एक लाख अतिरिक्त कैमरे लगाने का काम चल रहा है।
पुरी ने बिजली के उलझे तारों पर उठाया सवाल
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बिजली के लटकते तारों को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए कहा कि पंजाबी बाग की गलियों में केजरीवाल सरकार के 5000 करोड़ रुपये का विकास कार्य हवा में लटककर जानलेवा खतरा बना हुआ है। बात वही है कि बसें फ्री हैं, लेकिन यह सड़कों पर हैं ही नहीं।
फ्री बिजली जान जोखिम में डालकर मिलकर मिल रही हे। पुरी के इस बयान से रजामंदी दिखाते हुए प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि ये मौत के तार हैं और पूरी दिल्ली के लिए खतरा हैं। अरविंद केजरीवाल सिर्फ जनता के पैसों से अपनी तस्वीरें लगाकर प्रचार कर रहे हैं।