गुजरात यात्रा से ठीक एक दिन पहले बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक वीडियो संदेश जारी कर दलित हिंसा पर चिंता जताई है। साथ ही युवकों को भरोसा दिलाया है कि वे दलितों के साथ हो रहे अत्याचार के खिलाफ उनके साथ खड़े हैं।
करीब ढाई मिनट के संदेश में केजरीवाल ने कहा कि गुजरात में दलित समाज के लड़कों को बेरहमी से पिटाई गई जिससे लोगों की आत्मा हिल गई है।जिसने भी पिटाई के उस वीडियो को देखा है, वो इस पर सवाल खड़े कर रहा है।
इसके बाद से गुजरात के दलित समाज के लड़के अपनी जान देने की कोशिश कर रहे हैं। केजरीवाल के मुताबिक, दलित ही नहीं, गुजरात सरकार समाज के हर तबके का दमन कर रही है। पिछले साल पाटीदार समाज का आंदोलन हुआ। शांतिपूर्ण आंदोलन को पुलिस ने बर्बरता से दबाया।
'शांतिपूर्ण आंदोलन को पुलिस ने बर्बरता से दबाया'
केजरीवाल
- फोटो : ani
पाटीदार समाज के घरों में घुसकर औरतों और बच्चों को पीटा गया। करीब 2000 लोगों पर फर्जी मुकदमे किए। देशद्रोह के मुकदमे कर दिए गए। इतना ही नहीं, व्यापारियों को धमकी दी जा रही है। दूसरे लोगों को डराया और पीटा जा रहा है।
केजरीवाल ने अपील की है कि गुजरात के सभी लोगों को अब इकट्ठा होने की जरूरत है। दलित, पाटीदार, व्यापारियों समेत सभी पीड़ित तबके को जुड़ना होगा। दमन के खिलाफ आवाज उठानी है।
पूरा देश आपके साथ है। केजरीवाल ने नसीहत भी दी कि विरोध के दौरान हिंसा नहीं करनी है। अगर हिंसा करेंगे, तो अपनी ताकत के दम पर वह हमें को कुचल देंगे।
वहीं, दलित समाज से भी केजरीवाल ने गुजारिश की है कि वह आत्महत्या न करे। हम आत्महत्या नहीं, बल्कि लड़ेंगे। बाबा साहब अंबेडकर कहते थे कि लड़ेंगे और जीतेंगे। संगठन में शक्ति है। अन्याय के खिलाफ सभी मिलकर लड़ेंगे।