अभी तक औपचारिक तौर पर किसी भी गठबंधन का हिस्सा बनने से इंकार कर रहे सीएम अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को पहली बार माना कि वह मौजूदा केंद्र सरकार को शिकस्त देने के लिए विपक्षी दलों के गठबंधन के खिलाफ नहीं हैं। पार्टी इसके लिए हर कदम उठाने को तैयार है।
केजरीवाल शनिवार शाम विधानसभा परिसर में आयोजित सिल्वर जुबली कार्यक्रम के बाद मीडिया से बात कर रहे थे। बकौल केजरीवाल, उनका अपना मानना है कि नरेंद्र मोदी व अमित शाह की जोड़ी देश के वर्तमान व भविष्य के लिए खतरनाक है। अगर 2019 में यह दुबारा आते हैं तो संविधान भी बदल देंगे। संविधान भी नहीं बचेगा।
हर देश भक्त की जिम्मेदारी है कि जो भी जरूरत पड़े, इन्हें हराया जाए। इनको हराने के लिए जो भी कदम उठाना पड़ेगा, हम सभी उठाएंगे। हालांकि, केजरीवाल ने इस दौरान सीधे तौर पर गठबंधन में शामिल होने की बात नहीं की।
इससे पहले बीते अगस्त महीने में हरियाणा के रोहतक में केजरीवाल ने साफ तौर पर कहा था कि 2019 के चुनाव में भाजपा को हराने के लिए आम आदमी पार्टी विपक्ष के किसी भी गठबंधन का हिस्सा नहीं होगी। इसके बाद आप ने दिल्ली की सातों सीटों के लिए प्रभारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की थी। अभी तक छह सीटों के प्रभारी अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों में काम भी कर रहे हैं। हालांकि, पिछले महीने आप ने विपक्षी एकता को लेकर नरमी दिखाई है। इसी कड़ी में केजरीवाल का बयान गठबंधन के लिहाज से अहम माना जा रहा है।