एलजी- केजरीवाल की जंग के बीच दिल्ली सरकार के अधिकारी पूरी तरह से फंसते नजर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल की दिल्ली में ताकत की आजमाईश ने अधिकारियों में ऐसा खौफ पैदा कर दिया है कि वो दिल्ली वापसी नहीं करना चाहते।
बात दिल्ली सरकार के उस अधिकारी की जिसकी वजह से केजरीवाल और उपराज्यपाल के बीच विवाद इतना बढ़ा कि अब वो अस्तित्व की लड़ाई बन चुकी है। ए.के सिंह दिल्ली में मुख्य सचिव के तौर पर काम कर रहे हैं और फिलहाल छुट्टी पर हैं।
लेकिन मामले में नया मोड़ अब इस वजह से आया है कि के. के शर्मा ने छुट्टी से ही लौटने से मना कर दिया है। ए.के सिंह ने गुजारिश की है कि उनकी छुट्टी बढ़ाने के साथ ही उन्हें दिल्ली के अलावा कई और स्थानांतरित कर दिया जाए।
दिल्ली से खौफ खाने लगे हैं अधिकारी
इस विवाद की वजह से प्रधान सचिव ने तो अपनी मंशा जताई है ही इसके अलावा भी दिल्ली सरकार में काम कर रहे 15 आईएस अधिकारियों ने भी मांग की है कि उन्हें में दिल्ली से बाहर स्थानांतरित कर दिया जाए।
इन आईएएस अधिकारियों के दिल्ली से खौफ खाने की सबसे बड़ी वजह सीएम-एलजी के बीच चल रही तनातनी को माना जा रहा है। आपको बता दें कि इस जंग की वजह से दिल्ली सरकार का कामकाज भी पटरी से उतर गया है।
इन अधिकारियों को लगता है कि सीएम-एलजी की इस जंग में तलवार इन लोगों के सिर पर लटक रही है। ऐसे में ये लोग जल्द से जल्द दिल्ली से तबादला लेकर कहीं और जाने का मन बना चुके हैं।
ये है पूरा मामला राष्ट्रपति सुलझाएंगे विवाद
इस विवाद का सरकारी कामकाज पर पड़ रहा है तो ज्यादातर अधिकारी इस जुगत में भी लगे हैं कि कहीं भी पोस्टिंग हो जाएं लेकिन दिल्ली में उन्हें पोस्टिंग ना दी जाए।
ये मामला अब इतना बढ़ गया है कि दिल्ली के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा था। दोनों को आज राष्ट्रपति ने मिलने का वक्त भी दिया था।
वक्त के बाद नजीब जंग ने राष्ट्रपति से मुलाकात की। एलजी ने इस पूरे मामले को लेकर राष्ट्रपति को सॉलिसिटर जनरल की राय भी बताई। जिसके बाद राष्ट्रपति ने इस विवाद पर चिंता व्यक्त की है।